माटी से जुड़े कवि थे भावनी प्रसाद मिश्र : संतोष व्यास
संकल्प सवेरा। नर्मदापुरम् जिले के सारस्वत-विरासत के समर्थ संवाहक और प्रयोगवाद के प्रवर्तक अज्ञेय द्वारा प्रशंसित सुकवि भवानी प्रसाद मिश्र के जन्मदिवस पर शास. नर्मदा महाविद्यालय के हिन्दी विभाग द्वारा व्याख्या एवं काव्य-गोष्ठी का आयोजन किया गया।
सुरेश राजपूत के मुख्य आतिथ्य एवं प्रतिष्ठित वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. संतोष व्यास की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर भगवती सरस्वती के पूजन एवं पंडित भवानी प्रसाद मिश्र के चित्र पर माल्यार्पण करके किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओ. एन. चौबे ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत करते हुए उद्बोधन प्रस्तुत किया तथा पंडित भवानी प्रसाद मिश्र को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
विषय प्रवर्तन करते हुए कार्यक्रम के संयोजक डॉक्टर के.जी. मिश्र विभागाध्यक्ष हिंदी ने भवानी प्रसाद मिश्र के साहित्यिक अवदान को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि श्री सुरेश राजपूत ने कहा कि ऐसे साहित्यिक आयोजन हमारी विरासत के संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है। डॉ. संतोष व्यास ने पंडित भवानी प्रसाद मिश्र के व्यक्तित्व पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन शोध – छात्र देवांश बैरागी ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ अंजना यादव ने किया ।
डॉ प्रीति कौशिक, डॉ. रूपा भावसार के निर्देशन में वैष्णवी, साक्षी, जुगल,ओमप्रकाश, चेतन, विजय, प्रीति, दीप्ती आदि विद्यार्थियों ने रचना पाठ किया। संगीत शिक्षक श्रीजय सिंह ने अनेक कविताओं की संगीतमय प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को सफल बनाया ।
इस अवसर पर डॉ. कमल वाधवा, डॉ. राजेश दीवान, डॉ. बीएस आर्य, डॉ. कमलपुरिया, दीपा पालीवाल, बीएल राय आदि प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।












