गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही आयुष्मान भारत योजना
आयुष्मान कार्ड से आसान हुई सर्जरी की राह
किसी ने कूल्हा तो किसी ने पैर की हड्डी ठीक कराई
प्रति वर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपए तक के नि:शुल्क इलाज की सुविधा
संकल्प सवेरा,जौनपुर, आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कमजोर वर्ग के लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है । योजना के तहत सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के आधार पर चिन्हित किए गए पात्र लाभार्थी परिवार को आयुष्मान कार्ड की मदद से प्रति वर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपए तक के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था सरकार द्वारा की गयी है ।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे कई लाभार्थी परिवारों के लिए आयुष्मान कार्ड ने सर्जरी की राह आसान की है। इस कार्ड की मदद से किसी ने अपना कूल्हा बदलवाया तो किसी ने पैर की हड्डी का आपरेशन कराया। कार्ड से स्वास्थ्य सुविधाएं पाने वाले इस व्यवस्था से खुश हैं।
केस-1
बख्शा ब्लॉक अंतर्गत नौपेड़वा बाजार के करीब करतिहा निवासी चम्पा देवी (45) के बाएं पैर का कूल्हा कमर के पास खराब हो गया था। बीते वर्ष के मार्च में आयुष्मान कार्ड की मदद से पार्थ हॉस्पिटल में इलाज कराया लेकिन उनका एक पैसा नहीं खर्च हुआ। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
केस-2
करंजाकला सिद्दीकपुर ब्लाक अंतर्गत मंगतपुर निवासी नीलम (32) की कमर की हड्डी गल गई थी। सालभर पहले इसी कार्ड की सहायता से आशीर्वाद हॉस्पिटल में इसका आपरेशन कराया इलाज में उनका एक पैसा खर्च नहीं हुआ।
केस-3
करंजाकला के ही लाडलेपुर निवासी अतुल (16) के दाहिने पैर की हड्डी टूट गई थी। उन्होंने आयुष्मान कार्ड कि मदद से जिला अस्पताल में दो साल पहले इलाज कराया था। अब वह पूरी तरह से ठीक हैं। इन सभी लोगों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराया और इलाज में उनका कुछ खर्च नहीं हुआ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ राकेश कुमार ने बताया कि आयुष्मान भारत -प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान से आच्छादित परिवारों को प्रति वर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपए तक के नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था की गयी है।
लेकिन इसका लाभ उठाने के लिए सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 में नाम होना और योजना के पात्र व्यक्ति के पास आयुष्मान कार्ड होना जरूरी है। जनपद में आयुष्मान कार्ड धारकों की संख्या 2.50 लाख के करीब है।
योजना के नोडल अधिकारी डॉ आरके सिंह ने बताया कि अब तक जिले में 9500 लोगों ने योजना के तहत इलाज कराया है और उनके इलाज में लगभग 10.33 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
योजना के जिला सूचना प्रणाली प्रबंधक (डीआईएसएम) हिमांशु शेखर सिंह ने बताया कि जिले में योजना के तहत करीब 1.59 लाख लाभार्थी परिवार हैं। इनमें से 99,980 लाभार्थी परिवारों में से कम से कम एक सदस्य का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। ऐसे परिवारों से ही जिले में अब तक करीब ढाई लाख आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं।
जिले में अब तक 59565 ऐसे परिवार हैं जिनमें से एक भी सदस्य का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है | ऐसे ही परिवारों को लक्षित कर कार्ड बनवाने पर ज़ोर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले में अब तक कुल 40 चिकित्सालय आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध हैं। इनमें से 16 निजी चिकित्सालय और 24 सरकारी चिकित्सालय हैं ।












