बाढ़ से खेतों में लहलहाती सैकड़ो बीघा फसलें जलमग्न
गोमती नदी में बढ़ते जलस्तर व दोपहर से हो रही मूसलाधार बारिश से अन्नदाता चिंतित
मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था चरमराई
संकल्प सवेरा गभिरन(जौनपुर) 24सितम्बर, खुटहन क्षेत्र के तटवर्ती इलाके शेखूपुर सुतौली, पिलकिछा, शाहपुर सानी, बलुआ, गोपालापुर अहियापुर आदि गावों के खेतों में सैकड़ों बीघा लहलहाती फसलें गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण जलमग्न हो चुकी है। सेवई नाले से आये पानी के कारण उसमे लगी फसल जैसे धान, मक्का, उड़द आदि डूब गयी है। अन्नदाता बेबस होकर अपनी खड़ी फसल को बर्बाद होता देख खून के आंसू बहाने को मजबूर है। अभी तक कोई जनप्रतिनिधि या प्रशासन का अधिकारी मौके पर नही पहुँचा। जिसके कारण किसानों में नाराजगी साफ देखी जा सकती है।
शेखूपुर सुतौली गॉव निवासी सतई निषाद, त्रिभुवन निषाद, राम भरोस, शौकत अली, विजयी यादव, मोहन निषाद, रुस्तम अली तथा बांकेलाल निषाद आदि किसानों की लहलहाती फसलें कुदरत की बाढ़ से तबाह हो गयी है। अभी तक कोई भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि किसानों की सुध लेने की जहमत नही उठाई है।
सभी का कहना है कि यदि इसी तरह गोमती नदी का जल स्तर हर रोज बढ़ता रहा तो वह दिन दूर नही जब बस्तियों तक पानी चला जाएगा और भारी तबाही मच जाएगी। गॉव निवासी श्याम लाल निषाद ने कहा कि इस आपदा की घड़ी में सबसे ज्यादा मुश्किल मवेशियों के चारे की व्यवस्था करना है। क्योंकि चारे वाला स्थान पूरी तरह से डूब चुका है। किसी भी जिम्मेदार आला अफसरान या जनप्रतिनिधि के नही पहुचने पर ग्रामीणों में खासी नाराजगी है।












