संकल्प सवेरा, लखनऊ. उत्तर प्रदेश के 2022 के विधानसभा चुनाव में भले ही अभी थोड़ा वक्त हो, लेकिन भारतीय जनता पार्टी अभी से चुनावी मोड में आ चुकी है. पार्टी में लखनऊ से लेकर दिल्ली तक मंथनों का दौर जारी है, तो अब विधानसभा चुनाव की कमान गृह मंत्री अमित शाह ने अपने हाथों में ले ली है.
जबकि पिछले दिनों लखनऊ में संगठन मंत्री बीएल संतोष ने सरकार के मंत्रियों और पार्टी के पदाधिकारियों से सरकार से संगठन तक का फीडबैक लिया था. इसके बाद उन्होंने रिपोर्ट पार्टी आलकमान को दी थी. हांलाकि इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद दिल्ली का दौरा कर यूपी की सियासी हलचल बढ़ा चुके हैं.
अमित शाह ने उठाया ये बड़ा कदम
भाजपा अब विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक खामियों को दूर कर चुनाव के लिए कमर कस रही है जिसके लिए खुद अमित शाह ने जिलेवार फीडबैक लेने का सिलसिला शुरू कर दिया है. पिछले दिनों उन्होंने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में पार्टी पदाधिकारी को फोन कर कोरोना से लेकर अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर बात की थी.
सूत्रों मे मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह जल्द ही कई जिलों के पदाधिकारियों और पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं से संगठन के बारे में फीडबैक लेंगे.इस दौरान गृह मंत्री एक-एक करके सभी बड़े जिलों में पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं से संगठन के रंग-ढंग और क्रियाकलापों पर बात करने के साथ ब्लॉक, जिला, मंडल और क्षेत्र स्तर पर कार्यकर्ताओं की कार्यक्षमता के बारे में जानकारी भी जुटाएंगे.
जानें क्या है शाह की कवायद का मकसद
गृह मंत्री अमित शाह की कवायद के पीछे संगठन में कई प्रकोष्ठों और मोर्चो में पदों का खाली होना है. गृह मंत्री संगठन में तमाम खाली पदों पर अब तक नियुक्ति न होने , ब्लॉक, जिला, मंडल व क्षेत्रीय स्तर पर संगठन में जिम्मेदारी संभालने वाले पदाधिकारियों की योग्यता के बार में जानकारी लेकर जल्द इन पदों को भरकर उपेक्षित महसूस कर रहे
कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की नाराजगी दूर करना चाहते हैं. जानकारी जानकारी के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह जल्द ही लखनऊ या फिर वाराणसी पहुंचकर प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक भी कर सकते हैं.












