चंदवक, जौनपुर।स्थानीय बाजार के श्री चंद्रकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में अनंत विभूषित ब्रम्हलीन संत शिरोमणि उड़िया बाबा के शिष्य संत श्री त्रिभुवन दास जी के सानिध्य में चल रहे पांच दिवसीय मानस कथा में श्रद्धालुओं को कथा श्रवण कराते हुए मानस मर्मग्य डॉ. मदन मोहन मिश्र ने कहा कि काम, क्रोध व लोभ जैसे विकारों से मानव जीवन पतित हो रहा है।इन तीनों का परित्याग करना अति आवश्यक है।इनसे मुह मोड़कर अपनी जीवन दिशा को नहीं बदला जाएगा तब तक काम के बदले राम,क्रोध के बदले बोध व लोभ के बदले जीवन लाभ प्राप्त नहीं किया जा सकता।उन्होंने कृष्ण द्वारा दिए गए उपदेश की चर्चा करते हुए कहा कि कृष्ण या राम की शरण जाने से ही जीवन सार्थक हो सकता है। काशी से पधारी कथा वाचक डॉ. सुधा पांडेय ने भगवान शंकर व मां पार्वती के कथा प्रसंग के माध्यम से बताया कि राम की कृपा प्राप्त करना हर मानव का धर्म है। विंध्याचल से पधारें पं. अमरनाथ त्रिपाठी ने कहा कि मानस के माध्यम से ही जीवन में प्रेरणा व उसका विकास किया जा सकता है।उन्होंने देवाधिदेव महादेव का प्रसंग उध्दत करते हुए बताया कि विषम पारिवारिक स्वरूप को एकाकार कर हलाहल जैसे विष पीकर देव,दानव, मानव सबका कल्याण कर शिवत्व दे वही शिव है।कथा मंच का सारगर्भित संचालन फतेह बहादुर सिंह ने किया।इस अवसर पर लाल जी बरनवाल,विनोद कुमार सिंह, महेंद्र वर्मा,चंद्रिका यादव,आर बी सिंह,महेंद्र यादव, पंकज कुमार यादव सहित अन्य लोग उपस्थित थे।












