भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने 32 नेताओ को आरोप से बरी होने पर मिठाई बाँटकर खुशी इजहार की, जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने खुशी इजहार करते हुये कहा कि सत्य की जीत हुई, सीबीआई ने कोर्ट के सामने कई सुबूत पेश किए, लेकिन वह सभी नाकाफी साबित हुए, सभी सुबूत पर्याप्त नहीं थे।
वही जिला कार्यालय पर उपस्थित जिला उपाध्यक्ष सुधाकर उपाध्याय ने कहा कि सीबीआई कोर्ट ने माना कि यह घटना अचानक हुई थी, यह कोई पूर्व सुनियोजित साजिश नहीं थी, केवल फोटो के आधार पर किसी को आरोपी नहीं बनाया जा सकता है।

जिला महामंत्री सुशील मिश्रा ने कहा कि उस समय की सरकार के दबाव में सीबीआई ने साजिश के तहत जो फोटो, वीडियो सबूत के तौर पर पेश की थी उसको कोर्ट ने नाकाफी मानते हुये उस फोटो और विडियो को साक्ष्य मानने से इनकार कर दिया और सभी आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया उन्होंने कहा कि कोर्ट में टेंपर्ड सबूत पेश किए गए थे,
उन्होंने आगे कहा कि राम मंदिर आंदोलन में हमारे पूजनीय संतो धर्माचार्य और वरिष्ठ नेताओं को एक साजिश के तहत फसाया गया था और 28 वर्षों के लंबे पक्ष विपक्ष की सुनवाई के बाद कोई भी साक्ष्य हमारे नेताओं और धर्माचार्यों के खिलाफ अदालत में नहीं पाया और आज 28 वर्षों बाद अदालत ने हमारे नेताओं को बहुत ही सम्मान के साथ उन को बरी किया इसके लिए मैं कोर्ट को धन्यवाद देता हूं, राम मन्दिर आन्दोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले अनिल गुप्ता जी ने कहा कि मुझे गर्व है
कि इस आंदोलन में मैं भी शामिल था जौनपुर के हजारों राम भक्तों के साथ हम लोगों ने कार सेवा की थी और लाखो कारसेवकों की भीड़ ने उस ढांचे को ध्वस्त किया जो ढांचा विदेशी हमलावरों ने हमारे राम मंदिर को तोड़कर उसी के अवशेषों से खड़ा किया था वह गुलामी का प्रतीक था राम भक्तों ने गुलामी के प्रतीक को मिटा दिया, मैं अदालत के निर्णय का सम्मान करता हूं, स्वागत करता हूं
।बाबरी मस्जिद का ढांचा अराजक तत्वों ने तोड़ा है, इन 32 लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की थी। उक्त अवसर डीसीएफ चेयरमैन धनञ्जय सिंह, जिला मंत्री राजू दादा, अभय राय, भूपेन्द्र पाण्डेय, आमोद सिंह, विनीत शुक्ला, सिद्धार्थ राय,रोहन सिंह, इन्द्रसेन सिंह, प्रमोद प्रजापति, प्रतीक मिश्रा, वटेश्वर सिंह, शुभम मौर्य आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहें।












