अब तक जौनपुर में कोई विधायक लगातार तीन बार नहीं जीत सका?
गिरीश चंद्र यादव के लिए हो सकती है बड़ी चुनौती
जौनपुर, संकल्प सवेरा। जौनपुर 366 सदर विधानसभा का चुनावी इतिहास बेहद दिलचस्प रहा है। आजादी के बाद हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों पर नजर डालें तो यह विधानसभा सीट लगातार राजनीतिक बदलावों की गवाह रही है। चुनावी आंकड़ों के अनुसार, इस विधानसभा क्षेत्र से अब तक कोई भी राजनेता लगातार तीन बार विधायक नहीं बन पाया है।
आइए जानते है कि आजादी ले लेकर अब तक जौनपुर सदर विधानसभा सीट पर विभिन्न राजनितिक दलों और नेताओं ने अलग-अलग समय में जीत दर्ज की जिसमें सर्वप्रथम विधायक बनने का श्रेय 1957 में यदवेंद्र दत्त दुबे को मिला उसके बाद 1962 और 1967 में कैलाशपति, 1969 में जंग बहादुर, 1974 में ओम प्रकाश, 1977 में कमला प्रसाद सिंह, 1985 में चंद्रसेन, 1989 में अर्जुन सिंह यादव, 1991 में लालचंद, 1993 में मोहम्मद अरशद खान, 1996 में अफजल अहमद, 2002 में सुरेंद्र प्रताप सिंह, 2007 में जावेद अंसारी, 2012 में नदीम जावेद तथा 2017 और 2022 में गिरीश चंद्र यादव विधायक चुने गए जो लगातार दोनों बार मंत्रिमंडल में भी शामिल है।

जानकार बताते है कि कुछ नेताओं ने लगातार दो बार जीत जरूर हासिल की जिसमें वर्तमान में गिरीश चंद्र यादव भी शामिल है जो सरकार में मंत्री भी है, लेकिन कोई भी नेता लगातार तीन चुनावों में जनता का विश्वास नहीं जीत सका। वर्तमान विधायक Girish Chandra Yadav ने 2017 और 2022 में लगातार दो बार जीत दर्ज की है। यदि वे अगला विधानसभा चुनाव भी जीतते हैं तो जौनपुर सदर के इतिहास में लगातार तीन बार जीतने वाले पहले विधायक बन सकते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जौनपुर सदर में मतदाता हमेशा स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर मतदान करते रहे हैं। यही कारण है कि यहां किसी एक नेता का लंबे समय तक लगातार वर्चस्व स्थापित नहीं हो पाया।

आजादी से लेकर 2022 तक जौनपुर सदर विधानसभा सीट पर कोई भी राजनेता लगातार तीन बार विधायक नहीं चुना गया है। यह सीट उत्तर प्रदेश की उन विधानसभा सीटों में शामिल है जहां मतदाता समय-समय पर सत्ता और प्रतिनिधि बदलते रहे हैं।













