हवाई हमले के समय राहत पहुंचाने का हुआ अभ्यास,10 मिनट के लिए अंधेरे में डूबा जौनपुर शहर , सायरन बजाकर मॉक ड्रिल लआग हुए सतर्क

जौनपुर, संकल्प सवेरा। सिविल डिफेंस की ओर से हवाई हमले जैसी आपात परिस्थितियों में जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार की शाम 6 बजे से 6:10 बजे तक पुलिस लाइन के मैदान में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का अभ्यास कराया गया। कलेक्ट्रेट क्षेत्र, पुलिस लाइन एवं उसके आसपास के क्षेत्र सहित पूरे शहर में पूर्ण प्रकाश प्रतिबंध रहा । ब्लैक आउट का उद्देश्य हवाई हमले की स्थिति में क्षेत्र के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, आवासों, सड़कों और आम जनता को सुरक्षित रखना था । इस दौरान विद्युत आपूर्ति बंद रखकर बचाव संबंधी आपातकालीन विधियों का अभ्यास एवं प्रदर्शन कराया गया । यह अभ्यास सिविल डिफेंस कोर जौनपुर की सहायता से किया गया ।
प्रशासन ने क्षेत्र के समस्त प्रतिष्ठानों, चैंबरों, कार्यालयों एवं नागरिकों से पहले ही अपील की थी कि निर्धारित समयावधि में अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों की सभी लाइटें बंद रखें ताकि बाहर किसी प्रकार का प्रकाश दिखाई न दे। इस दौरान अपने घरों में ही रहें, सभी प्रकार की लाइटें बंद रखें, बाहर माचिस, लाइट या टॉर्च का प्रयोग न करें। यदि कहीं से प्रकाश बाहर निकल रहा हो तो काले कागज से ढक दें। सावधानी से चलें, घबराएं या भागें नहीं, धूम्रपान न करें, मोबाइल, फ्लैश लाइट या माचिस का उपयोग न करें।
यह अभ्यास सिविल डिफेंस वार्डनों की सहायता से संचालित किया गया। युद्ध अथवा हवाई हमले जैसी विषम परिस्थितियों में ब्लैक आउट के प्रति जागरूक किया गया था । प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अभ्यास को सफल बनाने में सहयोग की अपील की थी ।
मॉक ड्रिल अभ्यास में भाग लेने पहुंचे जिलाधिकारी/नियंत्रक नागरिक सुरक्षा डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने कहां की विश्व में अपने साहस पराक्रम और संगठित संगठन की शक्ति से सबका लोहा मनवाने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज जयंती है इस अवसर पर उसे हम लोग पराक्रम दिवस के रूप में मानते है। आपातकाल परिस्थितियों में किस प्रकार से हमें प्रबंध करने हैं क्या तैयारी करनी है उसे संबंध मे मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया है। किसी कड़ी में जनपद की पुलिस लाइन परिसर में पुलिस प्रशासन और अन्य लोगों के समन्वय से संपादित हुआ है विशेष रूप से हर्ष की बात यह है कि जनपद में भूतपूर्व सैनिकों ने अधिकारियों ने बड़ी ही तत्परता से इस मॉडल में सहभागिता किया है यह उनका अनुभव होता है उनका अनुभव हमें सिखाता है कि किस प्रकार से सी सीमा पर सुरक्षा करती है और सिविल नागरिक किस प्रकार बातों को ध्यान रखते हो हमें काम करना है विशेष रूप से आप वहां से बचाना है बाकी चीज पुलिस प्रशासन समन्वय के साथ जनता को उपलब्ध कराती है ऐसी परिस्थितियों में होल डिपेंडेंसी ना हो और उन्हें सूचनाओं पर ध्यान दिया जाए जो शासन शासन द्वारा जारी की जा रही हो।नागरिक सुरक्षा के चीफ वार्डन डॉ. मनोज वत्स ने बताया कि शुक्रवार को सायं 6बजे मॉक ड्रिल कराया गया जिसके लिए स्वयंसेवकों एवं विभागों को पूर्व में दिशा निर्देश दिया गया था।
मॉक ड्रिल में सीडीओ ध्रुव खड़िया, एडीएम वित्त एवं राजस्व परमानंद झा,सिटी मजिस्ट्रेट/ उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा इंद्र नन्दन सिंह सीओ सिटी आई पीएस गोल्डी गुप्ता, चीफ वार्डन डॉ मनोज वत्स,मेजर भूपिंदर सिंह, सी ओ सदर देवेश सिंह, सूचनाधिकारी मनोकामना राय,विनीत सेठ विजय प्रताप सिंह, आर आई दीन दयाल दीक्षित , ईओ पवन कुमार, नेहा वीरेश सिंह,विद्याधर राय, विश्व प्रकाश श्रीवास्तव अंजना सिंह उर्वशी सिंह अग्निशमन विभाग विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग परिवहन विभाग, पुलिस विभाग,आपदा मित्र,आदि लोग उपस्थित रहे।











