दे ‘कालजयी’ बन कालजयी हे नारायण! तुम चले गए – मानसहंस प्रोफेसर आरपी ओझा
जौनपुर,संकल्प सवेरा। कलेक्ट्रेट गेट के सामने पंडित चन्द्रेश मिश्र पीठ के नाम से विख्यात एक स्थान है जहाँ पर हर क्षेत्र के माहिर लोगों का नियमित रूप से जमावड़ा होता है। विद्वतजनों की उपस्थिति पीठ को गरिमा प्रदान करती है और जनपद जौनपुर में एक विशेष महत्व रखती है।पीठ पर आज विभिन्न विषयों की चर्चा के बाद राजा श्रीकृष्णदत्त पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर डॉक्टर आरपी ओझा का काव्य पाठ हुआ।इस काव्यपाठ में ओझा जी ने अपनी रचना ‘ भावोद्यान कविता-संग्रह ‘ से सुप्रसिद्ध रचनाकार महाकवि पं.रूपनारायण त्रिपाठी के सम्मान में काव्यपाठ किया।
महाकवि की रचनाओं,लोकगीतों में उनके योगदान एवं जीवनवृत्त को एक माला में पिरोकर प्रोफेसर ओझा ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। ज्ञात हो कि रूपनारायण त्रिपाठी कृति कालजयी शीर्षक महाकाव्य हिन्दी साहित्य की अनुपम धरोहर है।
काव्यपाठ में सुधी श्रोताओं के रूप में जगतनारायण इंटरमीडिएट कॉलेज,जगतगंज एवं संस्कृत महाविद्यालय के प्रबंधक पंडित रामकृष्ण त्रिपाठी के अतिरिक्त पंडित प्रभाकर त्रिपाठी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता इंद्रभुवन सिंह,दयासागर राय,अखिलेश

श्रीवास्तव,देवानन्द मिश्र एवं अधिवक्ता ओमप्रकाश दुबे,गौरीशंकर मिश्र,पत्रकार पंडित रामदयाल द्विवेदी, डॉक्टर रामजी तिवारी, कपिलदेव मौर्य तथा समाजवादी नेता प्रेमशंकर यादव, भाजपा नेता पीसी भारती,आम आदमी पार्टी के नेता एवं व्यवसायी ठाकुर प्रसाद राय,लिटिल फ्लावर स्कूल के प्रबंधक रवि श्रीवास्तव,कवि एवं अध्यापक संजय सिंह,पूर्व एडीओ पंचायत ओमप्रकाश सिंह जूड़ापुर सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।













