जौनपुर में भूमि अधिग्रहण में सदर के दो कानूनगो और एक निरीक्षक निलंबित
जौनपुर,संकल्प सवेरा। भूमि अधिग्रहण मुआवजे घोटाले में परत दर परत नए खुलासे हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन ने तीन और कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। इसमें सदर तहसील के दो कानूनगो और एक निरीक्षक शामिल हैं। इस घोटाले में पहले से ही सीआरओ (मुख्य राजस्व अधिकारी) को निलंबित कर राजस्व परिषद से संबद्ध किया जा चुका है।

यह घोटाला अगस्त में सामने आया था, जब भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के भुगतान में अनियमितताओं की जांच हुई। जांच में सामने आया कि 46 काश्तकारों को साढ़े चार करोड़ रुपये का मुआवजा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दिया गया था। 14 ग्राम पंचायतों में किए गए इस घोटाले में गहरी साजिश की बू आ रही थी, जिससे जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के आदेश दिए थे।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों का हेरफेर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राम अक्षयबर चौहान ने बताया कि जांच के पहले ही दिन कार्यालय से चार फर्जी अभिलेख मिले थे, जिनके आधार पर ढाई करोड़ रुपये का गलत भुगतान किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई गई, जिसकी अध्यक्षता सीडीओ साईं तेजा सीलम कर रहे थे। जांच में दोषी पाए जाने पर अब तक चार कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है।
डीएम के निर्देश पर कार्रवाई ताजा कार्रवाई में कानूनगो उदय राज, संतोष कुमार तिवारी और निरीक्षक बृजेश सिंह को निलंबित किया गया है। डीएम ने सख्त निर्देश दिए हैं कि इस मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।














