जौनपुर निवासी सुभासपा विधायक बेदीराम पेपर लीक में पहले भी फंस चुके है
2021 में पत्नी को ब्लॉक प्रमुख बनाया, 2014 में STF कर चुकी है गिरफ्तारी
संकल्प सवेरा, जौनपुर। पेपर लीक मामले में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक बेदी राम का जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वह नौकरी दिलाने और पेपर लीक डील पर बात कर रहे हैं। लेकिन संकल्प सवेरा इस वीडियो की पुष्टि नही करता है बेदी राम गाजीपुर की जखनिया सीट से विधायक हैं और पहले भी यूपी एसटीएफ उन्हें पेपर लीक के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। पेपर लीक मामलों में दो बार जेल जा चुके बिहार के
वायरल वीडियो में पटना निवासी बिजेंद्र गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक बेदी राम का नाम लेते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश में पेपर लीक माफिया बताया है। विधायक बेदी राम का एक वीडियो
भी सामने आया है, जिसमें विधायक रुपए लेकर भर्ती
कराने की बात करते हुए दिखाई पड़ रहे हैं।
2022 के विधानसभा चुनाव को नजदीक आते देख बेदी राम ने भाजपा के जफराबाद के तत्कालीन विधायक डॉ हरेंद्र प्रसाद सिंह के करीब आये और साथ-साथ प्रचार प्रसार भी करते नजर आए। 2017 के चुनाव में सपा के शचीन्द्र नाथ त्रिपाठी को हराकर डॉ हरेंद्र प्रसाद विधायक बने थे। लेकिन जब दूसरी बार 2022 के चुनाव में डॉ हरेंद्र प्रसाद सिंह पर भाजपा ने दाव खेला और उनको टिकट दे दिया।
जब हरेंद्र प्रसाद सिंह चुनाव लड़ रहे थे। बेदी राम उनके साथ साथ प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी को लेकर प्रचार कर रहे थे। उसी बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी व गठबंधन से बेदी राम को गाजीपुर के जखनिया विधानसभा से टिकट मिल गया और वो चुनाव लड़कर जीत गये।
2014 में बेदी राम को यूपी एसटीएफ ने रेलवे भर्ती पेपर लीक के मामले में लखनऊ के आशियाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। बेदी राम का नाम एक और परीक्षा के पेपर लीक मामले में सामने आया था। बेदी राम उप्र सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के करीबी माने जाते हैं।
बीते 6 माह में प्रदेश में पुलिस भर्ती समेत कई विभागों में निकाली गई नौकरियों के पेपर लीक हो गए। इन भर्तियों के निरस्त होने से युवा वर्ग और अभ्यर्थी काफी निराश हैं। विपक्षी पार्टियों इसे मुद्दा बनाकर सरकार पर हमला कर रही हैं। ऐसे में पेपल लीक मामले में पकड़े जा चुके कुख्यात द्वारा सुभासपा विधायक का नाम पेपर लीक मामले में लेकर एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है।
जौनपुर जिले के कुसिया नेवादा गांव से निकलकर विधायक बनने तक का सफर काफी विवादों से घिरा रहा है। सन 2021 में ज़िले के जलालपुर ब्लॉक के ब्लाक प्रमुख पद के लिए अपने पत्नी बादामा देवी को चुनाव लड़ाकर राजनीति में कदम रखवाया। इस ब्लॉक प्रमुख चुनाव को कुछ लोगों ने वर्चस्व की लड़ाई बताई। जिसमें भाजपा के तत्कालीन केराकत विधायक दिनेश चौधरी अपने चचेरे भाई राजेश चौधरी की पत्नी कमलेश कुमारी को ब्लाक प्रमुख पद के लिए मैदान में उतारा।















