जौनपुर में खेल का मैदान हुआ अतिक्रमण का शिकार

महराजगंज (जौनपुर)गांव में खेल प्रतिभाओं के विकास हेतु खेल मैदान विकसित करने के साथ खेल सामग्री भी उपलब्ध कराई गई थी। लेकिन खेल मैदानों का उचित रखरखाव न किए जाने से यह पुनः अतिक्रमण के शिकार हो गए।
महराजगंज विकास खंड के भटौली ग्राम पंचायत में पायका सेंटर बनाकर खेल मैदान विकसित किया गया था।जहां प्रतिदिन गांव के युवा व बच्चे वालीबाल, शारीरिक अभ्यास एवं अन्य ग्रामीण खेलकूदो में भाग लेते थे। लेकिन धीरे-धीरे आसपास के लोगों ने इस खेल के मैदान पर अतिक्रमण करना शुरू कर दिया।फिर 2020 से यहां खेल गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो गई।तब से यह खेल का मैदान पूरी तरह अतिक्रमण का शिकार हो चुका है।
इस संदर्भ में क्रीड़ा श्री मनोज कुमार यादव ने बताया कि मैंने अपने पैसे से यहां इस खेल मैदान में 25000 की मिट्टी डलवाई थी। जिसका ग्रामीण खेलकूद विभाग द्वारा आज तक मुझे भुगतान नहीं किया गया। इसी क्रम में जन्नौर ग्राम पंचायत में खेल का मैदान तो सुरक्षित है। लेकिन 2020 में इस मैदान में स्थापित करने हेतु लाखों की लागत से खेल के उपकरण ग्राम पंचायत एवं ग्रामीण खेलकूद विभाग द्वारा क्रय किया गया था। लेकिन चार वर्ष बाद भी यह खेल उपकरण आज तक इस मैदान में नहीं लग सके।
ऐसे में गांव के युवाओं व बच्चों को खेल की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस संदर्भ में ग्राम प्रधान राजेंद्र यादव का कहना है पूर्व में इस ग्राम पंचायत में खेलकूद उपकरण क्रय किए गए थे।लेकिन अब वह कहां है इसकी जानकारी मुझे नहीं है। मेरे कार्यकाल में खेलकूद उपकरण क्रय करने का कोई बजट आवंटित नहीं हुआ है।
इसी क्रम में बक्सा विकासखंड के अटरा ग्राम पंचायत में खेल के मैदान में वर्षों पूर्व झूला लगाया गया था। लेकिन झूला टूटने के साथ यहां साफ सफाई के अभाव में यहां बड़ी-बड़ी घासे से उग आई हैं। ऐसे में वहां बच्चे जाना भी पसंद नहीं करते। यह खेल का मैदान भी उपेक्षा का दंश झेल रहा है।












