अमित शाह के बाद भूपेंद्र चौधरी से मुलाकात, धनंजय श्रीकला के सपोर्ट से BJP की राह आसान
धनंजय सिंह से करेंगे मुलाकात:कृपाशंकर सिंह
धनंजय सिंह और पत्नी श्रीकला का बीजेपी को समर्थन
बहुजन समाज पार्टी का वोटर जौनपुर सीट पर हार-जीत की निर्णायक भूमिका निभाने वाला है

संकल्प सवेरा, जौनपुर। लोकसभा चुनाव 2024 के चार चरणों की वोटिंग हो चुकी है। उत्तर प्रदेश की जौनपुर सीट शुरुआत से हॉट सीट में शामिल रही है। ‘जीतेगा जौनपुर-जीतेंगे हम’ के नारे के साथ अपनी दावेदारी से जौनपुर सीट के सारे समीकरण ध्वस्त करने वाले धनंजय सिंह और उनका परिवार भले ही चूणवी दंगल में नहीं उतरा है।
वहीं जौनपुर सीट की सबसे ज्यादा चर्चा उन्हीं की वजह से हो रही है, उनके जेल जाने से लेकर पत्नी श्रीकला को बसपा से टिकट मिलने और उम्मीदवार बदलने के बाद अब धनंजय सिंह बीजेपी के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। पत्नी श्रीकला के गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करने के बाद अब धनंजय सिंह ने पत्नी के साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी से भी मुलाकात कर ली है।
दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीर भी सामने आ गई है। धनंजय सिंह ने बीजेपी को समर्थन करने का एलान करने के साथ ही जौनपुर और मछलीशहर सीट बीजेपी की झोली में डालने का दावा कर दिया है। जौनपुर सीट से पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने जौनपुर से बीजेपी का उम्मीदवार घोषित होने के बाद चुनाव लड़ने का एलान कर दिया था।

चर्चा में जौनपुर लोकसभा सीट
वहीं उसके कुछ दिन बाद ही धनंजय को एक पुराने मामले में सजा हो गई थी, जिसके कारण धनंजय के चुनाव लड़ने पर संकट छा गया था। धनंजय के जेल में रहते ही बसपा ने श्रीकला रेड्डी को जौनपुर से कैंडिडेट घोषित करके त्रिकोणीय लड़ाई कर दी थी। धनंजय के छूटने के बाद जौनपुर से बसपा ने उम्मीदवार बदल दिया। इसके बाद से धनंजय लगातार बसपा पर हमलावर है। हालांकि बसपा नेताओं का कहना है कि धनंजय ने टिकट वापस किया है। इस पर पूर्व सांसद लगातार अपनी सफाई दे रहे हैं। पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कहा कि बसपा से कई बार ऐसे धोखे खा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर बसपा उम्मीदवार नहीं बदलती तो जीत हमारी होती।
शाह के बाद भूपेंद्र चौधरी से मुलाकात

बीजेपी को समर्थन देने के सवाल पर पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कहा कि आज हम चुनाव से बाहर हैं। मैं जेडीयू का सदस्य हूं और बीजेपी की मदद कर रहा हूं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके लोग जौनपुर सीट के साथ ही मछलीशहर सीट पर भी बीजेपी के पक्ष में प्रचार में जुट गए हैं। दोनों सीट बीजेपी जीतने जा रही है। धनंजय सिंह ने बताया कि बीजेपी को सपोर्ट देने की वैसे तो कई वजहें हैं, उनके पिता भी संघ में थे। पूरे परिवार का बैक ग्राउंड RSS का रहा है। हम पहले भी एनडीए के समर्थक रहे हैं।

बताते चले कि धनंजय सिंह एनडीए का हिस्सा नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव रहे हैं। हाल ही में धनंजय सिंह ने रामचरितमानस की चौपाई डालकर नए सियासी संकेत दिए थे। बीते दिनों धनंजय की पत्नी ने अमित शाह से मुलाकात की थी। वहीं धनंजय सिंह ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी से मुलाकात की है। इस दौरान उनकी पत्नी श्रीकला भी मौजूद थी। अभी सिर्फ मुलाकात हुई है। बीजेपी ज्वाइनिंग नहीं हुई है।
जौनपुर में सपा-बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर
धनंजय सिंह की वजह से जौनपुर सीट की चर्चा जहां देशभर में हो रही है। वहीं यूपी की राजनीति के हर एक घटना क्रम पर पैनी नजर रखने वाले राजनीतिक विश्लेषक भी जौनपुर सीट का अपने हिसाब से आंकलन कर रहे हैं।

बहुजन समाज पार्टी का वोटर जौनपुर सीट पर हार-जीत की निर्णायक भूमिका निभाने वाला है। बसपा का मूल वोटर अगर बसपा के साथ जाता है तो बीजेपी की राह आसान हो जाएगी। ऐसे ही बसपा का वोटर अगर सपा में चला जाता है तो फिर समाजवादी पार्टी का रास्ता आसान हो जाएगा। सपा बसपा के वोट बैंक में सेंधमारी करने की कोशिश भी कर रही है। इस तरह जौनपुर सीट बीजेपी और सपा के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं है। दोनों दलों के बीच कांटे की टक्कर होने की संभावना है।
अंतर्कलह आ सकती है बाहर?
पूर्व सांसद, धनंजय सिंह को लेकर एक वरिष्ठ पत्रकार ने बताया कि अगर धनंजय सिंह बीजेपी कैंडिडेट के लिए वोट मांगते हैं तो बीजेपी की स्थिति मजबूत होगी। वहीं धनंजय सिंह की बीजेपी में ज्वाइनिंग को लेकर जौनपुर बीजेपी की इकाई में मतभेद है। जानकारों की माने तो एक बड़ा तबका चाहता है कि धनंजय सिंह बीजेपी की सदस्यता न ग्रहण करें। इसमें बीजेपी के कई बड़े नेता भी शामिल हैं जो नहीं चाहते हैं कि धनंजय बीजेपी ज्वाइन करें। ऐसे में अगर धनंजय सिंह बाहर से बीजेपी कैंडिडेट को समर्थन करते हैं तो बीजेपी के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
एक चैनल को दिए गए इंटरव्यू में भाजपा प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह ने कहा कि जल्द ही पूर्व सांसद धनंजय सिंह से मुलाकात करेंगे













