बिहार में क्या होगा? अचानक राजभवन पहुंच गए सीएम नीतीश कुमार

संकल्प सवेरा: बिहार में क्या होने वाला है? पिछले कई दिनों से चर्चाएं चल रही थीं. आज सर्द सुबह पटना में सियासी हलचल बढ़ गई. सरकारी कार्यक्रम के बाद सीएम नीतीश कुमार सीधे राजभवन गवर्नर के पास पहुंच गए.
बिहार में आज एक बार फिर सियासी कंपकंपी बढ़ गई. सीएम नीतीश कुमार अचानक राज्यपाल से मिलने पहुंच गए. उनके साथ वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी भी राजभवन गए थे. इस मुलाकात की टाइमिंग महत्वपूर्ण है. कई दिनों से अटकलें लगाई जा रही थीं कि नीतीश कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं. पहले भी वह ऐसा कर चुके हैं. आज जब वह राजभवन पहुंचे तो सवाल उठने लगे कि क्या वह एक बार फिर पाला बदल सकते हैं? खास बात यह है कि नेताजी की जयंती पर आयोजित सरकारी कार्यक्रम में सीएम और गवर्नर ने एकसाथ माल्यार्पण किया था और वहां से सीधे राजभवन चले गए.
यह घटनाक्रम ऐसे समय में देखा जा रहा है जब 2024 का लोकसभा चुनाव करीब है. विपक्षी गठबंधन में सीटों को लेकर समझौता नहीं हुआ है और नीतीश के नाराज होने की खबरें काफी समय से आ रही हैं.
कुछ दिन बाद राहुल गांधी अपनी यात्रा लेकर बिहार आने वाले हैं, उसमें नीतीश कुमार के शामिल होने को लेकर कई खबरें आ रही हैं. हालांकि जेडीयू ने कहा है कि औपचारिक तौर पर न्योता नहीं दिया गया है. बीजेपी अलग प्रेशर बना रही है. आज अचानक बिहार के राज्यपाल से मिलने सीएम नीतीश का जाना कई तरह की आशंकाएं पैदा कर रहा है
दोपहर सवा 12 बजे जेडीयू ने नीतीश कुमार की कुछ तस्वीरें ट्वीट कीं जो कुछ देर पहले की थीं. इसमें सरकारी कार्यक्रम में राज्यपाल, सीएम नीतीश और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव साथ मंच पर दिखाई दे रहे हैं.
दरअसल, बिहार की सियासत का पारा इन दिनों चढ़ता दिख रहा है. जेडीयू की कमान अपने हाथों में लेने के बाद नीतीश कुमार ने कई बड़े फैसले लिए हैं. पूरी टीम बदल दी है. कई पुराने चेहरे और ललन सिंह के करीबियों को हटा दिया गया है
कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू में गृह मंत्री अमित शाह ने संकेत दिए थे कि पुरानी साथी आना चाहेंगे तो विचार किया जाएगा. हालांकि आज राजभवन आने से पहले सरकारी कार्यक्रम में नीतीश कुमार के चेहरे पर किसी तरह की चिंता के भाव नहीं थे. वे मुस्कुराकर लोगों का अभिवादन कर रहे थे. अचानक पौने 12 बजे वह राजभवन में दाखिल हुए तो हलचल पैदा हो गई. वह करीब 40 मिनट तक गवर्नर से बातचीत करते रहे. हालांकि यह पता नहीं चला है कि बिहार विधानसभा सत्र से पहले नीतीश राजभवन क्यों गए थे?












