हत्या व लूट के दोषी को उम्रकैद की सजा
संकल्प सवेरा। जिला जज वाणी रंजन अग्रवाल ने मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र में 30 वर्ष पूर्व मोहम्मद फारूक की हत्या कर जीप लूटने के दोषी अब्बास अली को उम्रकैद की सजा व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाया। एक अन्य आरोपी रामजतन गुप्ता को 2017 में ही दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई थी। उस समय अब्बास अली फरार था।
अभियोजन के अनुसार नौ अगस्त 1993 को सुबह 8:30 बजे चौकीदार हरिशंकर ने थाना मुंगराबादशाहपुर में सूचना दिया कि सुजानगंज जाने वाली सड़क पर उकनी की सीमा में सड़क पर एक आदमी का शव पड़ा है। पुलिस वहां पहुंची तो देखा कि वहां पर खून फैलकर सूखा हुआ था और बगल में खोखा पड़ा था। भीड़ इकट्ठा थी, लेकिन कोई शव को पहचान नहीं पा रहा था। बाद में मृतक के चचेरे भाई अधिवक्ता जैनुल हसन प्रतापगढ़ ने शव की शिनाख्त की। बताया कि रामजतन गुप्ता और अब्बास अली निवासी बरईपुर, प्रतापगढ़ ने उसके भाई मोहम्मद फारूक की हत्या किया है। उसका भाई घटना वाले दिन भाड़े पर जीप लेकर गया था। वापस नहीं आया। मृतक आरोपित रामजतन गुप्ता व अब्बास के साथ गया था।
आरोपी गिरफ्तार हुए। स्पष्ट हुआ कि मृतक की जीप लूटने के लिए उसकी हत्या की गई थी। मृतक को अंतिम बार रामजतन व अब्बास के साथ देखा गया था। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। डीजीसी फौजदारी सतीश पांडेय ने कोर्ट में गवाहों का बयान अंकित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी अब्बास अली को उम्रकैद की सजा सुनाई।













