देश को आजादी बडी मुश्किल से मिली है:हुकुम सिंह
जौनपुर, संकल्प सवेरा। हर वर्ष की भांति इस साल भी 9 अगस्त को क्रांति दिवस की वर्षगांठ पूरे धूमधाम से मनाई गई! कांग्रेस शहर अध्यक्ष विशाल सिंह हुकुम एवं जिलाध्यक्ष फैसल हसन तबरेज़ के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सब्जी मंडी स्थित कांग्रेस कार्यालय पर एकत्र होकर मशाल जुलूस निकाला और स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया!

इस अवसर पर फैसल हसन तबरेज ने कहा कि भारत को स्वतंत्रता दिलाने के लिए तमाम छोटे-बड़े आंदोलन किए गए। अंग्रेजी सत्ता को भारत की जमीन से उखाड़ फेंकने के लिए गांधी जी के नेतृत्व में जो अंतिम लड़ाई लड़ी गई थी उसे ‘अगस्त क्रांति’ के नाम से जाना गया है। इस लड़ाई में गांधी जी ने ‘करो या मरो’ का नारा देकर अंग्रेजों को देश से भगाने के लिए पूरे भारत के युवाओं का आह्वान किया था। यही वजह है कि इसे ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ या क्विट इंडिया मूवमेंट भी कहते हैं। इस आंदोलन की शुरुआत 9 अगस्त 1942 को हुई थी,
इसलिए इसे अगस्त क्रांति भी कहते हैं।
इस अवसर पर शहर अध्यक्ष विशाल सिंह हुकुम ने कहा कि हमारे देश को आजादी बडी मुश्किल से मिली है । हजारो लोगो ने प्राणो की आहुती दी तब जाकर आजादी मिली है और आज हम आजादी की सांस ले रहे है । अगस्त क्रांति आंदोलन में सैकड़ों नागरिको ने जान दी थी । इस आंदोलन ने देश के आजादी आंदोलन को तेज कर दिया था। दस हजार से ज्यादा लोग इस आंदोलन में शहीद हुए थे। लाखो लोगो को जेल मे डाला गया था आज हमारे पुरखो की वजह से हम खुली हवा मे सांस ले रहे है। 9 अगस्त क्रांति आंदोलन की वजह से 15 अगस्त 1947 को देश
स्वतंत्र हुआ था। इसलिए 9 अगस्त क्रांति का दिन भारत मे बडे जोर शोर से मनाया जाता है । हर एक भारतीय ने इस दिन का महत्व जानना जरुरी है। इस आजादी के आंदोलन मे शामिल हुए और शहीद हुए सभी ज्ञात अज्ञात भारतीयो को शत शत नमन ।
इस अवसर पर तिलकधारी निषाद,राकेश उपाध्याय, प्रमोद मिश्रा, अभियूजर शेख , नीरज राय, अजय सोनकर, राजकुमार गुप्ता,नेसार इलाही, सन्दीप सोनकर, अमन सिन्हा, पुष्कर निषाद,अतीक, रोहित पांडेय, विशाल खत्री,आदिल,ताहिर, असरफ, अली सब्बल, इक़बाल आदि मौजूद रहे!













