विकास के मुद्दे को लेकर चुनाव मैदान में आई हूं:मंजू मोना सेठ
राजनीतिक गलियारों में मंजू मोना विमल सेठ की चर्चाएं गर्म
निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज
संकल्प सवेरा, जौनपुर। नगर पालिका परिषद के चुनाव का बिगुल कभी भी बज सकता है, अभी तक भाजपा में जितने भी दावेदार है वे सभी अपने आपको मजबूत दावेदार मान रहे है लेकिन आरक्षण सूची जारी होते ही कई के अरमानों पर पानी फिर गया। उनमे से कुछ ने हिम्मत बटोरी और अपनी-अपनी पत्नियों को चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया।
शहर के कुछ और सम्मानित गैर राजनीतिक परिवार भी ऐसे हैं, जिनसे जुड़ी महिलाएं भी अध्यक्ष पद के चुनाव मैदान में भाजपा के टिकट की प्रबल दावेदार बनकर उभरी हैं। आज इस खबर में हम आपका परिचय कराते हैं
जौनपुर नगर पालिका के भारतीय जनता पार्टी के संभावित उम्मीदवार मंजू मोना विमल सेठ, अर्चना विवेक सेठ,रमेश बरनवाल,जान्हवी चौहान जो भाजपा के चेयरमैन टिकट की दावेदारी कर रही हैं। इनमें से किसे टिकट मिलेगा, यह तो भाजपा की अधिकृत सूची जारी होने के बाद ही पता चलेगा।
लेकिन यह सभी ऐसे प्रत्याशी हैं, जिन को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं

संकल्प सवेरा से बातचीत में भारतीय जनता पार्टी से टिकट की प्रबल दावेदार मंजू मोना सेठ ने बताया कि अगर आप सभी का आशीर्वाद मिला तो जौनपुर नगर पालिका परिषद के विकास ही मेरी पहली प्राथमिकता होगी विकास के मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होगी। शहर के विकास के लिए भाजपा पहले भी संकल्पित थी और आज भी है। भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए युवाओं को एकजुट होने की जरूरत है।
हमारा प्रयास रहेगा कि
जौनपुर स्वच्छता रैंकिंग में नंबर वन बने, यह प्रयास जारी रहेगा।
विकास की गाथा हमारी जीत का आधार बनेगी
हमाराप्रयास रहेगा कि
शहर की साफ सफाई व्यवस्था को बेहतर करना और देश भर में स्वच्छता रैंकिंग में सुधार करना.
शहर को अतिक्रमण से मुक्त करना और अवैध निर्माण पर कार्रवाई करना,नये मोहल्लों में बुनियादी सुविधा मसलन नाला और सड़क का निर्माण कराना, शहर को स्थाई रूप से जल जमाव की समस्या से मुक्त करना,
नगर निगम में नये कर्मियों की कमी को पूरा करना और समय-समय पर होने वाले सफाई कर्मियों के हड़ताल पर रोक लगाना,बोर्ड की बैठक में बगैर विवाद के विकास के मुद्दों को पास करना,
नये फंड विकसित करना और राज्य सरकार के फंड का पूरा उपयोग कर पाना,जौनपुर नगर पालिका के वार्षिक बजट में पास विकास योजनाओं को जमीन पर उतार पाना।
निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज

नगर पालिका चुनाव को लेकर प्रत्याशियों का प्रचार अभियान तेज हो गया है। गली-मुहल्लों से लेकर चौक-चौराहों में प्रत्याशी लुभावने वादे कर रहे हैं। फ्लैक्स बोर्ड, पंपलेट, साइन बोर्ड से प्रचार किए जा रहे हैं। फेसबुक, वाटसअप, ट्विटर व इंस्ट्राग्राम जैसे हाइटेक सोशल साइट भी प्रचार-प्रसार का सशक्त माध्यम बने हैं। वहीं अध्यक्ष पद के प्रत्याशी जहां शहर में घूम-घूमकर प्रचार में तेजी ला रहे हैं, तो पार्षद प्रत्याशी वार्डों में जनता जनार्दन के पास जाकर वोट की जुगाड़ में है। इसमें कई पुराने जनप्रतिनिधि रूठे वोटरों को मनाने में भी कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं।

बसपा के अभेद किले को ढहाने की होगी अग्निपरीक्षा
जौनपुर,संकल्प सवेरा। नगर पालिका परिषद जौनपुर के चुनाव में पूरे शहर में सिर्फ टंडन परिवार का नाम की हर एक की जुबां पर है। चर्चाओं का बाजार गरम है कि आखिर टंडन को परास्त कौन करेगा?
टंडन परिवार को हराने के लिए सभी माथापच्ची में जुटे हुए हैं। सन 2000 में दिनेश टंडन ने दावेदारी ठोकी और नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद पर काबिज हो गये थे।
वर्ष 2000 में अध्यक्ष चुने जाने के बाद से लेकर अभी तक नगर पालिका परिषद पर उनका वर्चस्व अभी भी बरकरार है। अपने शुरूआती पांच साल में उन्होंने हर गली, हर मोहल्ले में अपने नाम का शिलापट्ट लगवा दिया अर्थात शहर का खूब विकास किया। यही वजह रही कि शहरी क्षेत्र की जनता में उनकी लोकप्रियता रिकॉर्ड तोड़ दर्ज की गयी













