जौनपुर,संकल्प सवेरा । नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए माइनर विषय की परीक्षा देने की व्यवस्था की गई है। स्नातक प्रथम और द्वतीय वर्ष के चार सेमेस्टर में से किसी दो सेमेस्टर में माइनर विषय की परीक्षा देकर पास करना होना। जबकि स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के दो सेमेस्टर में से किसी एक सेमेस्टर में परीक्षा देनी होगी।
विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति 2020 तो लागू कर दिया लेकिन माइनर विषय की परीक्षा कब-कब देनी होगी कॉलेज यह बात छात्रों को नहीं समझा पा रहा है। हालत यह है कि छात्र परीक्षा फार्म भरते समय मनमानी तरीके से माइनर विषय को भर दे रहे हैं। जिसके चलते छात्रों का परीक्षा परिणाम प्रभावित हो रहा है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध जौनपुर, गाजीपुर और प्रयागराज के एक महाविद्यालय समेत 545 महाविद्यालयों में यह व्यवस्था लागू की गई है। इस महाविद्यालयों में लाखों छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन छात्रों को स्तातक प्रथम और द्वितीय वर्ष में तीन मेजर विषय के साथ ही एक माइनर विषय लेकर पढ़ाई करने का प्रावधान है। जानकारी के अभाव में तमाम छात्रों ने माइनर विषय को परीक्षा फार्म में भरा और न ही परीक्षा दी है।
ऐसे में उनके रिजल्ट पर कैरी ओवर प्रमोटेड लिखकर अगले सेमेस्टर में प्रवेश लेने के लिए रिजल्ट जारी कर दिया गया। जो छात्र प्रथम सेमेस्टर में माइनर विषय की परीक्षा नहीं दिए हैं उन्हें दूसरे सेमेस्टर में माइनर विषय की परीक्षा देनी होगी। प्रथम और द्वितीय वर्ष में ही छात्रों को माइनर विषय की परीक्षा देनी होगी। तीसरे वर्ष किसी भी सेमेस्टर में छात्रों को माइनर विषय की परीक्षा नहीं देनी है। इस तरह स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के किसी एक सेमेस्टर में छात्र के माइनर विषय की परीक्षा देनी होगी
स्नातक पहले और दूसरे वर्ष के चार सेमेस्टर में से किसी दो सेमेस्टर में छात्रों को माइनर विषय की परीक्षा पास करनी पड़ेगी। तीसरे वर्ष के किसी भी सेमेस्टर में माइनर विषय की परीक्षा का प्राविधान नहीं है। इस तरह स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के दो सेमेस्टर में से किसी एक सेमेस्टर में माइनर विषय की परीक्षा छात्रों को पास करनी होगी। –वीएन सिंह, परीक्षा नियंत्रक, पूविवि जौनपुर













