हरी लाल हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा
घायल साथी ही निकला मास्टर मांइड भेजा गया जेल
हत्या के बाद खुद को किया था घायल
पूर्व प्रधान समेत आठ लोग थे आरोपित
भादवि की धारा 302/307/120 वी एवं एससीएसटी में दर्ज हुआ था मुकदमा
संकल्प सवेरा शाहगंज /जौनपुर। कोतवाली क्षेत्र के मियांपुर बकुची गांव निवासी हरी लाल गौतम हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। घायल साथी ने ही हरी लाल की हत्या कर घटना को दूसरा मोड़ देते हुए खुद को पैर में गोली मार लिया था। जिसमें उसी की तहरीर पर पूर्व ग्राम प्रधान समेत आठ लोगों पर भादवि की धारा 302/307/120 बी समेत एससीएसटी में मामला दर्ज कर छानबीन किया जा रहा था।
छानबीन के दौरान वादी की संदिग्ध परिस्थितियों ने जांच को उसी की ओर मोड़ दिया। जिसके बाद पुलिस ने वादी सबरहद गांव निवासी 28 वर्षीय हासिम पुत्र शाहिद को पुलिस ने हरी लाल गौतम की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर चालान भेजा है। पुलिस ने बताया कि हासिम ने पुरानी रंजिश को लेकर बदला लेने हेतु हत्या कर पूर्व प्रधान आदि को जेल भेजने की योजना बनाई। लोगों को शक न हो इसलिए खुद के पैर में भी गोली मार लिया। पुलिस जांच में वादी ही आरोपी निकल गया। लिहाजा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपित पर पूर्व में भी दो मुकदमा दर्ज हैं।
मालूम रहें दो दिसम्बर देर शाम सात बजे जौनपुर कोर्ट से लौटे बकुची गांव निवासी 55 वर्षीय हरी लाल गौतम, रसूलपुर गांव निवासी अपने साथी 28 वर्षीय हासिम पुत्र शाहिद के साथ लौटा था। बताया गया था कि घात लगायें अपाची सवार दो बदमाशों ने गोली मार बकुची की ओर भाग निकले थे।
जिसमें हरी लाल गौतम की मौत हो गई व हासिम को पैर में गोली लगी है। दूसरे दिन हासिम की तहरीर पर सबरहद गांव निवासी पूर्व प्रधान राशिद उनके दो पुत्र उमर व आसिफ, भाई परवेज आलम अन्नू इनके पुत्र अब्दुल्ला, आशुतोष लाल एवं निजामपुर गांव नदीम पर भादवि की धारा 302/307/504/506/120बी व एससीएसटी के तहत मामला दर्ज किया गया था।













