जिले के शिक्षामित्रों व अनुदेशको का मानदेय फंड फंसा
तीन करोड़ 74लाख की धनराशि बैंक की लापरवाही से शासन में डिसवर्स-चार हज़ार लोगों के सामने आर्थिक संकट
सरायख्वाजा,संकल्प सवेरा ।जनपद में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के रूप में कार्य करने वाले चार हजार शिक्षामित्रों व अनुदेशको का अगस्त महीने का मानदेय भुगतान यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा की घोर लापरवाही से फंड फंस गया है जिसके कारण मानदेय का 3-74 करोड़ रुपए उनके बैंक खाते में न भेजकर शासन के खाते में हस्तानांतरण कर दिया गया है जिसके कारण चार हजार शिक्षामित्रों व अनुदेशको के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है ।
ज्ञातव्य है कि जिले के परीषदीय स्कूलों में कार्यरत नौनिहालों को शिक्षा दें रहें लोगों को प्रति माह एक निश्चित मानदेय भुगतान किया जाता है।जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन सर्व शिक्षा अभियान अधिकारी ने अगस्त महीने की तीन करोड़ 74 लाख रुपए नौ अगस्त को बैंक की मुख्य शाखा में भेज दिया जो अनुदेशको व शिक्षामित्रों को खाते में भेजा जाना था लेकिन बैंक के अधिकारियों ने चार हजार शिक्षामित्रों व अनुदेशको के खाते में न भेजकर पूरी धनराशि डिसवर्स कर दिया शासन के खाते में।
इस सम्बन्ध में सर्वशिक्षा अभियान कार्यक्रम के समन्वयक जितेंद्र कुमार ने बताया कि हमारे यहां से नौ अगस्त को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा में भेज दिया गया है। लेकिन बैंक ने उस धनराशि को शासन के खाते में जमा कर दिया है जिसमें कारण शिक्षामित्रों व अनुदेशको को अगस्त महीने का मानदेय नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में पुनः धनराशि डिसवर्स करनें की कार्रवाई की गई है शासन से धनराशि अवमुक्त होते ही उनके खातों में जल्द ही पैसा भेज दिया जायेंगे।अभी तक मानदेय भुगतान न हो पाने से सभी के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। शिक्षामित्र वेलफेयर संघ ने लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।












