नवजागरण का आयाम है स्वतंत्रता संग्राम : पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर
संकल्प सवेरा स्वाधीनता के अमृत महोत्सव कार्यक्रम में आयोजित निबंध लेखन, भाषण, चित्रकला फैंसीड्रेस आदि प्रतियोगिताओं के समापन अवसर पर शास. नर्मदा महाविद्यालय में पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति भोपाल के मंत्री संचालक श्री कैलाशचन्द्र पंत एवं निवर्तमान अपर मुख्य सचिव म.प्र. शासन श्री मनोज श्रीवास्तव को शाल श्रीफल से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा सरस्वती पूजन से हुआ।
प्राचार्य डॉ. ओ. एन. चौबे ने स्वागत उद्बोधन देकर अतिथियों का स्वागत किया। हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. के.जी. मिश्र ने अतिथियों के सामाजिक साहित्यिक प्रदेय पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि श्री मनोज श्रीवास्तव जी ने स्वाधीनता के अमृत महोत्सव की आवश्यकता रेखांकित की जबकि मुख्य अतिथि पद्मश्री विजयदत्त जी श्रीधर कहा कि हमारा स्वाधीनता संग्राम नवजागरण का महत्वपूर्ण आयाम है।
समाज सुधार राजनैतिक स्वतंत्रता आदि इसके अन्य पक्ष हैं। 1857 के बाद अंग्रेजों ने भारत को निहत्था कर दिया था किंतु हमारे सेनानियों ने पुनर्जागरण करके भारत को आजाद किया और यदि देश को विश्व में हमें समर्थ और विश्व गुरु बनाना है तो समय की पाबंदी, भाषा की उन्नति और एक अच्छे नागरिक होने के कर्तव्य निभाने होंगे।
अध्यक्षीय उदबोधन देते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार श्री कैलाशचंद्र जी पंत ने व्यक्तिगत जीवन में हिन्दी के प्रयोग की आवश्यकता बतायी। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन डॉ. हंसा व्यास ने किया।
इस अवसर पर डॉ. बी.सी. जोशी डॉ. कमल बाधवा, डॉ. विनीता अवस्थी, डॉ. अमिता जोशी, डॉ. एस.सी. हर्णे, डॉ. सविता गुप्ता, डॉ. ममता गर्ग, डॉ. आलोक मित्रा, डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. बी एल. राय, डॉ. जे. के. कमलपुरिया, डॉ. एन. आर. अड़लक, डॉ. कुमुदिनी गार्गव ,डॉ. अंजना यादव ,रेणुका ठाकुर, आरती रावत, मंजुला भूमर कर, शबनम ,अंजली भट्ट ,नित्या पटेरिया सहित अत्यधिक संख्या में छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।












