जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक को राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने भी संबोधित किया।
पटना,संकल्प सवेरा। केंद्र की भाजपा सरकार लोकतंत्र में असहमति के अधिकार को भी देशद्रोह के रूप में देख रही है। विपक्ष की आवाज बंद करना चाहती है। इसके लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का भी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह अत्यंत दुखद है। लगता है कि देश अघोषित इमरजेंसी के दौर से गुजर रहा है। जदयू ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पारित प्रस्ताव में यह बात कही है।
बैठक के बाद पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने बैठक में साफ किया है कि अब भाजपा के साथ उनका जीवन में कभी समझौता नहीं हो सकता है। भाजपा देश में तनाव का माहौल पैदा कर रही है। महंगाई चरम सीमा पर पहुंच गई है। खाद्य पदार्थों से लेकर तेल, रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल एवं अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें हर महीने बढ़ रही है। दूसरी तरफ किसानों को उनके उत्पाद का समर्थन मूल्य भी नहीं मिलता है। खाद और बीज की किल्लत से उन्हें जूझना पड़ता है। देश में वह तनाव का माहौल पैदा करने में लगी है
मुहरकेसी त्यागी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में भी जदयू के विधायकों और सांसदों को तोड़कर महाराष्ट्र की तरह एकनाथ शिंदे प्रकरण दाेहराने की कोशिश हो रही थी. वह कोशिश समय रहते विफल हो गयी
जदयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक खत्म होने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा को 50 सीट पर रोकने के सवाल पर कहा कि हम संख्या की बात नहीं कर रहे हैं. अगर देश के सभी विपक्षी दल एक साथ साथ लड़ेंगे तो उन्हें जरूर सफलता मिलेगी. हमारा उद्देश्य सभी विपक्षी पार्टियों को एकजुट करना है. वहीं आरसीपी सिंह से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वे पार्टी में रहकर भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे थे. उन्होंने कहा कि वे दिल्ली जा रहे हैं और चार पार्टियों के नेताओं से बातचीत करेंगे.
केसी त्यागी ने कहा कि तेलंगाना के सीएम केसीआर ने बिना कांग्रेस और बिना भाजपा तीसरे मोर्चे की बात की थी. हम लोगों का मानना है कि बिना कांग्रेस और बिना वाम दल का कोई भी मोर्चा भाजपा के खिलाफ सफल नहीं होगा
देश में भाजपा के खिलाफ सभी पार्टियों को एकजुट कर एक मंच पर लाने के लिए नीतीश कुमार सोमवार दोपहर बाद तीन दिवसीय दौरे पर दिल्ली जायेंगे. इसके लिए पार्टी ने उन्हें अधिकृत किया है. दिल्ली में उनकी मुलाकात सोमवार को राहुल गांधी से हो सकती है. मंगलवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल सहित वामदलों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात होगी. सात को राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति से मिलने का समय तय हुआ है. जल्द ही उनकी मुलाकात उद्धव ठाकरे, एनसीपी सहित हरियाणा, पश्चिम बंगाल और उत्तर पूर्वी राज्यों के नेताओं से होगी












