• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
  • Tamannaah Bhatia shines in celestial blue lehenga in new video, talks about her ‘sexy’ bridal look
Advertisement
  • Home
  • Desh-Videsh
  • Uttar Pradesh
  • Purvanchal News
  • Jaunpur
  • Varanasi
  • Tamannaah Bhatia shines in celestial blue lehenga in new video, talks about her ‘sexy’ bridal look
No Result
View All Result
  • Home
  • Desh-Videsh
  • Uttar Pradesh
  • Purvanchal News
  • Jaunpur
  • Varanasi
  • Tamannaah Bhatia shines in celestial blue lehenga in new video, talks about her ‘sexy’ bridal look
No Result
View All Result
Sankalp Savera
No Result
View All Result
Home Desh-Videsh

देश के पांच वो राष्ट्रपति जिनका सरकारों से रहा टकराव

The five presidents of the country who had conflict with the governments

Sankalp Savera by Sankalp Savera
June 13, 2022
in Desh-Videsh
0
देश के पांच वो राष्ट्रपति जिनका सरकारों से रहा टकराव
1.5k
VIEWS
Share on FacebookShare on TelegramShare on WhatsappShare on Twitter

नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रपति के चयन में भले ही राजनीतिक दल अपने हितों के हिसाब से जोर आजमाइश करते हैं, लेकिन इस गरिमामयी पद पर पहुंचा व्यक्ति दलगत राजनीति से परे होता है। इस कारण से कई बार सरकार और राष्ट्रपति के बीच टकराव की स्थिति भी बन जाती है। आइए जानते हैं उन राष्ट्रपतियों के बारें में जिनके कार्यकाल में सरकार के साथ विभिन्न मुद्दों पर टकराव की स्थिति निर्मित हुई

डा राजेंद्र प्रसाद (1952-62)

देश के प्रथम राष्ट्रपति डा राजेंद्र प्रसाद का हिंदू कोड बिल पर सरकार से पहला मतभेद हुआ था। आपत्तियां जताते हुए उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को पत्र भी लिखा था। राष्ट्रपति की शक्तियों को लेकर भी दोनों में कुछ मतभेद रहे। मुंबई में सरदार पटेल की अंत्येष्टि में व्यक्तिगत रूप से राजेंद्र बाबू के शिरकत करने का नेहरू ने विरोध किया था। ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद धार्मिक समारोह में राष्ट्रपति की उपस्थिति का भी नेहरू ने विरोध किया था। नेहरू का कहना था कि पंथनिरपेक्ष देश के मुखिया को सार्वजनिक तौर पर धार्मिक कार्यो से दूरी रखनी चाहिए। इस पर राजेंद्र बाबू ने कहा था कि ‘सोमनाथ आक्रांता के सामने राष्ट्रीय विरोध’ का प्रतीक है

डा सर्वपल्ली राधाकृष्णन (1962-67)

श्रेष्ठ वक्ता और दर्शनशास्त्री डा सर्वपल्ली राधाकृष्णन और तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू के बीच आमतौर पर राजनीति से ज्यादा दर्शन की बातें ही होती थीं। इसके बावजूद वह सरकार की आलोचना से नहीं कतराते थे। 1966 में बढ़ती महंगाई पर उन्होंने सरकार की आलोचना की थी। वह राजनीतिक मसलों पर स्वतंत्र राय भी देते थे। कहा जाता है कि नेहरू की चीन नीति फेल होने पर भी डा राधाकृष्णन निराश थे। राष्ट्रपति भवन के पूर्व सुरक्षा अधिकारी मेजर सीएल दत्ता के अनुसार, उस दौरान डा राधाकृष्णन और कांग्रेस अध्यक्ष कामराज ने नेहरू को रिटायर करने के फामरूले पर भी काम किया था

वीवी गिरि (1969-74)

राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ही वीवी गिरि ने कहा था कि यदि वह चुने गए तो रबर स्टांप साबित नहीं होंगे। कांग्रेस पार्टी में विघटन और उथल-पुथल के दौर में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राष्ट्रपति से लोकसभा भंग कर तुरंत चुनाव कराने की सलाह दी थी। इस पर राष्ट्रपति गिरि ने कहा कि वह मंत्रिपरिषद की सलाह मानने को बाध्य हैं, अकेले प्रधानमंत्री की नहीं। इसके बाद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को कैबनेट की बैठक बुलानी पड़ी थी

ज्ञानी जैल सिंह (1982-87)

भारत के सातवें राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के सरकार से मतभेद सामने आए थे। उन्होंने दोनों सदनों से पारित होने के बावजूद पोस्टल बिल पर सहमति नहीं दी थी। उन्होंने विधेयक को विचारार्थ सरकार के पास वापस भेज दिया था। दोबारा राष्ट्रपति ने इस पर कभी निर्णय नहीं दिया। 1986-87 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी से उनके कई मसले पर मतभेद रहे थे

फखरुद्दीन अली अहमद (1974-77)

राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने अनुच्छेद 352 (1) के तहत आपातकाल की घोषणा की थी। उनके इस निर्णय की बहुत आलोचना होती है, क्योंकि उन्होंने केवल तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सलाह बिना कुछ विचार किए निर्णय ले लिया था। उन्होंने यह जानने का प्रयास भी नहीं कि मंत्रिपरिषद में इस विचार हुआ है या नहीं। बाद में गृह मंत्री ने स्वीकारा भी था कि आपातकाल का एलान 25 जून, 1975 को हो गई थी, जबकि कैबिनेट ने इस पर 26 जून को मुहर लगाई। इस प्रकरण ने राष्ट्रपति पद की साख धूमिल की थी

Previous Post

कवि सम्मेलन एवं धरोहर सम्मान समारोह संपन्न

Next Post

भारत की दूसरी हार पर बोले जहीर खान, अब राहुल द्रविड़ को सख्त होना पड़ेगा

Sankalp Savera

Sankalp Savera

Next Post
भारत की दूसरी हार पर बोले जहीर खान, अब राहुल द्रविड़ को सख्त होना पड़ेगा

भारत की दूसरी हार पर बोले जहीर खान, अब राहुल द्रविड़ को सख्त होना पड़ेगा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

फरवरी में चयन वेतनमान नही लगा तो होगा व्यापक आंदोलन- अमित सिंह

फरवरी में चयन वेतनमान नही लगा तो होगा व्यापक आंदोलन- अमित सिंह

February 19, 2026
प्यार कच्चा घड़ा नहीं होता, कोई छोटा बड़ा नहीं होता, पर खूब बजी तालियां

प्यार कच्चा घड़ा नहीं होता, कोई छोटा बड़ा नहीं होता, पर खूब बजी तालियां

February 18, 2026
जिला प्रशासन को अंगूठा दिखा रहा है मानकविहीन दिशा अस्पताल, दो बार हो चुका है सीज

जिला प्रशासन को अंगूठा दिखा रहा है मानकविहीन दिशा अस्पताल, दो बार हो चुका है सीज

February 18, 2026
पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने करशूल नाथ व तलेश्वर नाथ महादेव मंदिर पर किया जलाभिषेक

पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने करशूल नाथ व तलेश्वर नाथ महादेव मंदिर पर किया जलाभिषेक

February 15, 2026
  • Trending
  • Comments
  • Latest
जौनपुर भदेठी कांड : सपा नेता जावेद सिद्दीकी पर लगा गैंगस्टर

जावेद सिद्दीकी समेत पांच आरोपियों को मिली जमानत

June 20, 2020
पूर्व मंत्री व विधायक पारस नाथ यादव का निधन

पूर्व मंत्री व विधायक पारस नाथ यादव का निधन

June 12, 2020
बकरी के दूध, पपीते के पत्ते से नही बढ़ता है प्लेटलेट्स: डॉ0 विजय नाथ मिश्रा

बकरी के दूध, पपीते के पत्ते से नही बढ़ता है प्लेटलेट्स: डॉ0 विजय नाथ मिश्रा

November 13, 2022
क्या आपके पास है 10 रुपये का 786 नंबर वाला ये नोट? तो घर बैठे कमा सकते हैं 5 लाख रुपये- जानें कैसे

क्या आपके पास है 10 रुपये का 786 नंबर वाला ये नोट? तो घर बैठे कमा सकते हैं 5 लाख रुपये- जानें कैसे

3
पूर्वाचंल विश्वविद्यालय की परीक्षाएं दो अप्रैल तक स्थगित

पीयू से संबद्ध महाविद्यालयों के बीए अंतिम वर्ष का परिणाम घोषित

2
डॉ हरेंद्र सिंह MLA की तरफ से आप सभी को स्वतंत्रता दिवस व रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनायें ।

डॉ हरेंद्र सिंह MLA की तरफ से आप सभी को स्वतंत्रता दिवस व रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनायें ।

1
फरवरी में चयन वेतनमान नही लगा तो होगा व्यापक आंदोलन- अमित सिंह

फरवरी में चयन वेतनमान नही लगा तो होगा व्यापक आंदोलन- अमित सिंह

February 19, 2026
प्यार कच्चा घड़ा नहीं होता, कोई छोटा बड़ा नहीं होता, पर खूब बजी तालियां

प्यार कच्चा घड़ा नहीं होता, कोई छोटा बड़ा नहीं होता, पर खूब बजी तालियां

February 18, 2026
जिला प्रशासन को अंगूठा दिखा रहा है मानकविहीन दिशा अस्पताल, दो बार हो चुका है सीज

जिला प्रशासन को अंगूठा दिखा रहा है मानकविहीन दिशा अस्पताल, दो बार हो चुका है सीज

February 18, 2026
संकल्प सवेरा || Sankalp Savera

संकल्प सवेरा न्यूज पोर्टल अब आपके हाथो मे है। पहली बार इसे देखकर आप इसके सभी समाचार को देखना तथा पढना चाहते होंगे। जिसमे हम बाधक नही बनना चाहते। सिर्फ एक संदेश देना चाहते है कि संकल्प सवेरा न्यूज पोर्टल के हर लेख,आलेख,तथा समाचार मे अपनापन का अहसास होगा। इस भावना को जगाए रखने के लिए हम सदैव प्रयत्नशील रहेंगे।

Follow Us

Browse by Category

  • Corona Update
  • Desh-Videsh
  • Dharm
  • Jaunpur
  • kavita sangrah
  • Life Style
  • Purvanchal News
  • Recruitment
  • Uncategorized
  • Uttar Pradesh
  • Varanasi
  • Videos

Recent News

फरवरी में चयन वेतनमान नही लगा तो होगा व्यापक आंदोलन- अमित सिंह

फरवरी में चयन वेतनमान नही लगा तो होगा व्यापक आंदोलन- अमित सिंह

February 19, 2026
प्यार कच्चा घड़ा नहीं होता, कोई छोटा बड़ा नहीं होता, पर खूब बजी तालियां

प्यार कच्चा घड़ा नहीं होता, कोई छोटा बड़ा नहीं होता, पर खूब बजी तालियां

February 18, 2026
  • Home
  • Desh-Videsh
  • Uttar Pradesh
  • Purvanchal News
  • Jaunpur
  • Varanasi
  • Tamannaah Bhatia shines in celestial blue lehenga in new video, talks about her ‘sexy’ bridal look

© 2020 Sankalp Savera - Hindi News Portal Designed by Digital Karigar.

No Result
View All Result
  • Home
  • Desh-Videsh
  • Uttar Pradesh
  • Purvanchal News
  • Jaunpur
  • Varanasi
  • Tamannaah Bhatia shines in celestial blue lehenga in new video, talks about her ‘sexy’ bridal look

© 2020 Sankalp Savera - Hindi News Portal Designed by Digital Karigar.