शौर्य, बीरता, त्याग व बलिदान के प्रतीक थे महाराणा प्रताप- पद्मश्री चंद्रशेखर सिंह
महाराणा प्रताप की तरह निभाएं उत्तरदायित्व, बरकरार रखे मामवता कि सेवा- कृपाशंकर सिंह
प्रेक्षागृह कलेक्ट्रेट में राजपूत सेवा समिति द्वारा महाराणा प्रताप की जयंती पर आयोजित हुआ समारोह
जौनपुर ,संकल्प सवेरा ! कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में सोमवार को राजपूत सेवा समिति के सदस्यों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शूरबीर महाराणा प्रताप का जयंती समारोह के माध्यम से मनाया गया। लोगो ने उनकी बीरता, पराक्रम व शौर्य को याद करते हुए उनके जीवन गाथा पर चर्चा किया। समिति के लोगो ने मांग किया कि नगर में महाराणा प्रताप की एक मूर्ति स्थापित किया जाए।
साथ ही जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग किया।
समारोह के मुख्य अतिथि पद्मश्री ठाकुर चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के एक बीर सपूत है जिनकी प्रेरणा से आज भी युवा पीढ़ी उत्साहित हो रही है। महाराणा प्रताप का नाम इतिहास में और दृढ़ प्रण के लिए अमर है। देश की आन- बान शान के लिए वर्षो तक संघर्ष करते रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाराष्ट्र सरकार के पूर्व गृहमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप ने कभी वसूलो के साथ समझौता नही किया।
घास की रोटी खा लिया पर झुके नही। वे हमारे समाज के अवतारी पुरुष थे। उनके जयंती पर सार्वजनिक अवकाश के लिए मुख्यमंत्री से मांग की जाएगी। उन्होंने वाराणसी- लखनऊ मार्ग प्राख्यात बैज्ञानिक डा. लालजी सिंह के नाम से करने की मांग की। विशिष्ट अतिथि सिंगरामऊ स्टेट के कुँवर जयसिंह ‘बाबा’ ने महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष करते हुए अपने प्राण त्याग दिया। जिन्होंने कभी घास से बनी रोटी खाने का विकल्प चुना लेकिन कभी भी अपना धर्म और अपना अभिमान अकबर को नही दिया।
अपनी मातृभूमि के लिए आखिरी सांस तक बहादुरी से लड़ते रहे। खपराडीह स्टेट से आये विशिष्ट अतिथि
कुँवर अभिमन्यु प्रताप सिंह ने कहा कि
महाराणा प्रताप की बीरता पूर्ण कहानी से प्रेरणा ले। वे राजपूत बीरता, शिष्टता और दृढ़ता की एक मिशाल है।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर दीप प्रज्वलन व पुष्प अर्पित कर किया। समिति के सदस्यों ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह व साफा भेंट किया।
प्राख्यात भोजपुरी गायक रविन्द्र सिंह ज्योति ने महाराणा प्रताप पर स्वरचित गीत सुनाया। समिति के सदस्य ओम प्रकाश सिंह ने अभ्यागतों का स्वागत करते हुए महाराणा प्रताप के जीवनी पर प्रकाश डाला। साथ ही समिति के गठन की उपयोगिता पर विस्तार से बताया। संचानल रविन्द्र नाथ सिंह व आभार दिनेश सिंह बब्बू ने ज्ञापित किया। कार्यक्रम में शशि मोहन सिंह क्षेम,रत्नाकर सिंह,रविन्द्र सिंह,वीरेंद्र प्रताप सिंह,रामदयाल दृवेदी, शशि सिंह समेत भारी संख्या में राजपूत सेवा समिति के सदस्य मौजूद थे।












