मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहे अशोक सिंह: श्रीप्रकाश
संस्था का उत्थान ही अशोक को सच्ची श्रद्धांजलि: ज्ञानप्रकाश
तिलकधारी महिला महाविद्यालय में श्रद्धांजलि सभा एवं रजत जयंती समारोह आयोजित
जौनपुर,संकल्प सवेरा। तिलकधारी महाविद्यालय के पूर्व प्रबंधक अशोक कुमार सिंह मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित थे। उनका व्यक्तित्व विराट था। उक्त विचार तिलकधारी महाविद्यालय की प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह ने तिलकधारी महिला महाविद्यालय के उमानाथ सिंह सभागार मंे आयोजित श्रद्धांजलि सभा एवं रजत जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किया।
उन्होंने कहाकि शिक्षा, राजनीति एवं धर्म के क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। श्री सिंह ने एक संस्मरण के माध्यम से बताया कि तिलकधारी महाविद्यालय में हिंदी विभाग द्वारा आयोजित हिंदीसाहित्य में नारियों के योगदान विषयक संगोष्ठी में अशोक कुमार सिंह ने वैदिक काल की विदुषी स्त्रियों की चर्चा करते हुए उन्हे आधुनिक युग में प्रासंगिक बताया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि रहे समाजसेवी भाजपा नेता ज्ञानप्रकाश ने शिक्षकों को समाज की रीढ़ बताया। उन्होंने कहाकि संस्था का उत्थान करके ही स्व0 अशोक कुमारसिंह को सच्ची श्रद्धांजलि हेागी। मानस वेत्ता डा0 आरपी ओझा ने अपने संबोधन में कहाकि स्व0 अशोक सिंह में ज्ञान, भक्ति एवं कर्मयोग का अद्भुत समन्वय था।
बरेली के अपर पुलिस अधीक्षक राममोहन सिंह ने अशोक सिंह के व्यक्तित्व को रेखांकित करते हुए उनकी सरलता, सहजता का चित्रण किया। भारतीय स्टेट बैंक के सहायक प्रबंधक आनंद सिंह ने नारी सशक्तिकरण पर बल देते हुए तिलकधारी महाविद्यालय की छात्राओं से राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान की अपेक्षा की।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे पूर्व प्रमुख सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने विविध संस्मरणों के माध्यम से स्व0 अशोक कुमार सिंह के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उक्त अवसर पर तिलकधारी महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डा0 उदयपाल सिंह, डा0 राधेश्याम सिंह, पूर्व विधायक सुरेन्द्र प्रताप सिंह, दिनेश सिंह बब्बू, दुष्यंत सिंह एडवोकेट, प्राचार्या डा. वंदना सिंह के अतिरिक्त कवि सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने स्व0 वंदना सिंह के अतिरिक्त कवि सभाजीत द्विवेदी प्रखर
स्व0 अशोक कुमार सिंह केा श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम में तिलकधारी महिला महाविद्यालय की रजत जयंती पर प्रकाशित पत्रिका का विमोचन अतिथिगण द्वारा किया गया। कार्यक्रम का आरंभ वाणी वंदना से हुआ। इसके बाद अतिथियों को अंगवस्त्रम् एंव स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संचालन डा0 मधुलिका सिंह एवं आभार ज्ञापन प्रबंधक राघवेन्द्र सिंह ने किया।












