संकल्प सवेरा। छह ऐसे मंत्री बनाएं हैं, जो पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर आए हैं। इसमें आगरा से चुनाव जीतीं बेबीरानी मौर्य को मंत्री बनाया गया है। वह उत्तराखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं। मैनपुरी से चुनाव जीतकर आए जयवीर सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। कन्नौज से चुनाव जीते असीम अरुण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए गए हैं।
योगी सरकार के नए मंत्रिमंडल में छह ऐसे मंत्री शामिल किए गए हैं, जो प्रदेश में किसी सदन का हिस्सा नहीं हैं। रातोंरात इन नेताओं की किसमत चमकी और उन्हें लखनऊ बुलाकर सीधे मंत्री पद की शपथ दिला दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व बृजेश पाठक को मिलाकर कुल 53 मंत्री बने हैं। इनमें विधानसभा के 39 और विधान परिषद के 8 सदस्य शामिल हैं
वर्तमान में जो किसी सदन के सदस्य नहीं हैं और उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई गई, उनमें भाजपा के प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर, पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जसवंत सैनी, कांग्रेस से लंबे समय तक एमएलसी रहे और बाद में भाजपा में शामिल हुए दिनेश प्रताप सिंह, अल्पसंख्यक आयोग के प्रदेश महामंत्री दानिश आजाद और वाराणसी में कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे और वर्ष 2019 में भाजपा में शामिल हुए दयाशंकर मिश्रा उर्फ दयालु शामिल हैं। दिनेश प्रताप सिंह ने रायबरेली स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य के लिए नामांकन किया है। उनका विधान परिषद का कार्यकाल बीती 7 मार्च को खत्म हुआ है। इन मंत्रियों को छह माह के अंदर किसी सदन की सदस्यता हासिल करनी होगी
विधान परिषद के जिन आठ सदस्यों को मंत्री बनाया गया है, उनमें उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, भूपेंद्र सिंह चौधरी, कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद, अरविंद कुमार शर्मा, अपना दल के आशीष पटेल, निषाद पार्टी के संजय निषाद, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मवीर प्रजापति का नाम शामिल है
पहली बार बने विधायक और बन गए मंत्री
वहीं, छह ऐसे मंत्री बनाएं हैं, जो पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर आए हैं। इसमें आगरा से चुनाव जीतीं बेबीरानी मौर्य को मंत्री बनाया गया है। वह उत्तराखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं। मैनपुरी से चुनाव जीतकर आए जयवीर सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। कन्नौज से चुनाव जीते असीम अरुण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए गए हैं। उन्होंने चुनाव की घोषणा के बाद कानपुर के पुलिस आयुक्त के पद से इस्तीफा देकर भाजपा ज्वाइन किया था। बलिया से चुनाव जीत कर आए दयाशंकर सिंह को भी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। इसी तरह सीतापुर के राकेश राठौर और बांदा से पहली बार चुनाव जीते रामकेश निषाद को भी मंत्री बनाए गए हैं












