लोकतंत्र का नमूना बना पंजाब: वशिष्ठ नारायण
जौनपुर,संकल्प सवेरा। आजादी के बाद से लोकतंत्र की सफलता के लिए देस, प्रदेश में चुनाव होते ही रहते हैं लेकिन अभी हाल में पांच राज्यों में सम्पन्न हुए चुनाव में राजनैतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के क्रिया कलापों से सामाजिक समरसता और सद्भाव को जो चोट पहुंची है इससे हमारा लोकतंत्र छीन भिन्न के स्तर तक पहुंच गया। ऐसी भयावह स्थिति में पंजाब का चुनावी परिणाम भारत में ही नहीं बल्कि समूची दुनिया मे शोहरत लूट लिया।
यह बात समाजवादी चिंतक वशिष्ठ नारायण सिंह ने जारी विज्ञप्ति में कही। उन्होंने कहाकि गरीबों, मजलूमों, बेबश लाचार पंजाब की जनता ने सभी जातीय, साम्प्रदायिक, भाषाई एवं क्षेत्रीय मतभेदों को भूलकर आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल पर भरोसा करके प्रचंड बहुमत से जीत दिला दी। विगत 40 वर्ष में दिल्ली व पंजाब का चुनाव पूरी दुनिया में लोकतांत्रिक जीत का नमूना बन गया। जिस तरह केजरीवाल ने आम आदमी की भलाई के लिए दिल्ली के अपने शासनकाल में शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, बिजली, पानी एवं निर्माण के क्षेत्रों में रचनातक कार्यों से छोटे तबके के लोगों जैसे दिहाड़ी, खोमचा व ठेले, टेम्पो वालों, छोटे व्यापारियों, चतुर्थ श्रेणी के सरकारी, गैर सरकारी कर्मचारियों के दैनिक जीवन की समस्याओं का समाधान किया है वह एक नमूना बनकर पंजाब में आम चर्चा का विषय बन गया था।
पंजाब के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने पूरी जनता को अमीर व गरीब दो श्रेणी में विभाजित कर दिया और गरीब वर्ग में आशा व उम्मीद पैदा करके उनके विश्वास को हासिल कर लिया। यही आम आदमी पार्टी को प्रचंड बहुमत दिलाने का कारण बन गया। पंजाब में आप की जीत हिंसक व आक्रामक राजनीति करने वाले सभी दलीय नेताओं को खुली चुनौती दे दिया और जातीय व साम्प्रदायिक राजनीति करने वालों के मुँह पर तमाचा जड़ दिया।
प्रबुद्ध वर्ग में कुछ लोग त्रिकालदर्शी के रूप में यह देख रहे हैं कि आने वाले कल में केजरीवाल का विजय रथ देश के कोने कोने तक पहुंचने वाला है। लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था रखने वालों में यह भी एक उम्मीद जाग उठी है कि आज का गिरता, लड़खड़ाता लोकतंत्र भविष्य में मजबूती से फिर उठ खड़ा होगा व आम आदमी का दुखदर्द दूर होने के साथ हमारा भारत एकजुट होकर फिर से विश्वगुरु बनेगा।












