आइसीडीएस के कार्यों को तकनीकी मजबूती के लिये बैठक का अयोजन
आइसीडीएस के कार्यों को तकनीकी मजबूती और गुणवत्ता देने को बीसी और बीपीए की बैठक डीपीओ ने पोषण ट्रैकरअप्लीकेशन तथा कुषोषण का चिह्नांकन करने के बारे में दी
जौनपुर,संकल्प सवेरा विकास भवन स्थित बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग (आईसीडीएस) के कार्यालय में जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) आरबी सिंह की अध्यक्षता में नवनियुक्त ब्लाक कोआर्डिनेटर (बीसी) तथा ब्लाक प्रोजेक्ट एसोसिएट (बीपीए) की शनिवार को बैठक हुई। इस दौरान उन्हें विभाग के कार्यों को तकनीकी तौर पर मजबूती और गुणवत्ता देने के बारे में जानकारी दी गई।
बैठक को संबोधित करते हुए आरबी सिंह ने कहा कि आप लोगों को ब्लाकों में जाकर विभाग के कार्यों को तकनीकी तौर पर मजबूती देनी है। इसमें पोषण ट्रैकर की भूमिका महत्वपूर्ण है। यह भारत सरकार का एक अप्लीकेशन है जिसमें आपको हर तरह का डाटा भरना होगा। लाभार्थी, कुपोषित बच्चों की सारी जानकारी सहित विभाग की अन्य जानकारियां दर्शानी होंगी। उसके बाद कुपोषण का चिह्नांकन करना होगा जिसके तहत अल्प वजन,
दुबलापन और बौनापन के बच्चे चिह्नित होंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को टेक्निकल ग्रोथ मानीटरिंग डिवाइस चलाने के बारे में बताना होगा। उन्होंने बताया कि जनपद में 5,321 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। अभी तक 5,096 अति गंभीर कुषोषित (सैम) तथा 10,990 गंभीर कुषोषित (मैम) बच्चे चिह्नित किए जा चुके हैं। बीते चार माह में 80 से
अधिक सैम बच्चों का पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराकर इलाज कराया जा चुका है। डीपीओ ने बताया कि बीसी और बीपीए के पद पर कुल 38 लोगों की नियुक्ति हुई है। बैठक में शाहगंज, धर्मापुर, रामनगर सहित सभी 20 ब्लाकों के बीसी और बीपीए ने भाग लिया।












