संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे डॉ मुकुटधारी
चौथी पुण्यतिथि पर पैतृक गाँव टिकरी में आयोजित हुआ श्रद्धांजलि समारोह
रिपोर्ट – आकाश मिश्रा शनि
150 असहायों को वितरित किया गया कम्बल।
सिकरारा,संकल्प सवेरा। क्षेत्र के टिकरी गांव निवासी तथा संस्कृत के प्रकांड विद्वान डॉ मुकुटधारी मिश्र की चौथी पूण्य तिथि पर रविवार को उनके पैतृक आवास पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा मे बड़ी संख्या में पहुँच कर विद्वानों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सेवानिवृत भौतिकी प्रवक्ता राम आधार मिश्र ने कहा कि डॉ मुकुटधारी मिश्र संस्कृत भाषा के प्रकांड विद्वान गए।व्याकरण व साहित्य दोनो पर समान वर्चस्व था। संस्कृत जैसी क्लिष्ट भाषा को सरल रूप में पढ़ाया।उनकी पूण्य तिथि पर उनके पुत्रों द्वारा असहायों की सेवा में कम्बल वितरण करना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देना है।
स्व मिश्र साहित्यिक क्षेत्र में अमर रहेंगे।समाज सेवी गुलाब चन्द्र तिवारी ने कहा कि गुरु वह है जो शिष्यो को अंधकार से प्रकाश को ओर ले जाए। वे सच्चे गुरु थे।लखेसर गांव के प्रधान पति शैलेन्द्र तिवारी ने कहा कि स्व मिश्र जी एक विद्वान ही नहीं सच्चे मानव भी थे।उनका जीवन समाज के दबे कुचले लोगो को समर्पित था। प्रारम्भ में लोगो ने डॉ मिश्र के चित्र पर धूप दीप जला कर पुष्पांजलि दी।
वक्ताओं में मुख्य रूप से अभय राज उपाध्याय,भृगुनाथ मिश्र,सुरेंद्र उपाध्याय,सुखेन्द्र पाण्डेय ऐडवोकेट, कृष्ण कांत दुबे रहे।कार्यक्रम में ग्राम प्रधान पति राजेन्द्र बहादुर सिंह भोले,हौसिला मिश्र,महेंद्र मिश्र ,विजय तिवारी,ओम प्रकाश,आकाश मिश्र,श्री प्रकाश,दिनेश उपाध्याय,राम आसरे दुबे सुधाकर मिश्र ,रिंकेश तिवारी आदि रहे। स्व मिश्र के बड़े पुत्र ईश्वरी मिश्र ने अतिथियों का स्वागत तथा छोटे पुत्र माहेश्वरी मिश्र ने आभार ज्ञापन किया।












