ज्ञान रूपी रोशनी को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बने
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज
निरंकारी संत समागम का सफलतापूर्वक समापन
संकल्प सवेरा जौनपुर 1 दिसंबर 2021 “वर्तमान समय में संसार में संत महात्माओं की नितांत आवश्यकता है, उनसे शिक्षा प्राप्त करके सभी भक्ति मार्ग पर अग्रसर होकर स्वयं आनंदमई जीवन जीये एवं जन जन तक ज्ञानरूपी रोशनी पहुंचाने का माध्यम बने।”
यह जानकारी स्थानीय मीडिया सहायक उदय नारायण जायसवाल ने वर्चुअल रूप में आयोजित तीन दिवसीय 74 वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के समापन सत्र के सत्संग समारोह में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के पवन संदेशों को बताते

हुए कहा। समागम का सफलतापूर्वक समापन हुआ जिसका का भरपूर आनंद मिशन की वेबसाइट एवं साधना टीवी चैनल के माध्यम से विश्व भर के श्रद्धालु भक्तों एवं प्रभु प्रेमी सज्जनों द्वारा लिया गया।
सतगुरु माता जी ने कहा कि ब्रह्म ज्ञान द्वारा भक्ति मार्ग पर चलते हुए ईश्वर पर दृढ़ विश्वास रखकर जीवन आनंदित हो जाता है। जब हम परमात्मा को जीवन का आधार बना लेते हैं और पूणतः उसमें समर्पित होकर मन में जब सत्संग, सेवा, सिमरन की लगन लग जाती है तो यह जीवन वास्तविक रूप में महक उठता है अतः हम इस निरंकार प्रभु के रंग में निरंतर रंगे रहे एवं अपना विश्वास इतना दृढ बनाएं कि फिर किसी भी अवस्था मे वह ढोल ना पाए।
कवि सम्मेलन
समागम के समापन सत्र में एक बहुभाषी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें “श्रद्धा भक्ति विश्वास रहे, मन में आनंद का वास रहे” शीर्षक पर अनेक कवियों ने हिंदी, पंजाबी, मुल्तानी, हरियाणवी उर्दू एवं अंग्रेजी भाषाओं में अपनी अपनी कविताएं पढी












