संकल्प सवेरा,जौनपुर।कहते हैं जब आप दिल से किसी की मदद करना चाहते हैं तो आपको सच्चे जरूरतमंद भी मिल जाते हैं, अन्यथा फोटो खिंचवाने वाली समाजसेवा और समाजसेवी तो बरसाती मेंढक की तरह प्रकट होते हैं। हम बात कर रहे हैं जौनपुर के एक ऐसे ही सच्चे समाजसेवी की,जिन्हें और सिर्फ उन्हीं को ही ऐसे वास्तविक जरूरतमंद दिख जाते हैं।
रविवार को जौनपुर नगर के व्यस्तम इलाके ओलंदगंज में राजेश कुमार जो कि एक समाजसेवी हैं, एक अर्धविक्षिप्त के पास खड़े थे।जब वहां हमारी टीम पहुंची तो राजेश ने बताया कि इस अर्धविक्षिप्त के दाहिने हाथ की हथेली पूरी तरह सड़ गयी है जिसे उसने पॉलीथिन से बांध रखा था उसमें से पस(मवाद) बाहर गिर रहा था और उसमें से काफी बदबू भी आ रही थी।
राजेश ने बताया कि उन्होंने 102 नंबर पर फोन करके एम्बुलेंस बुलाई है।उन्होंने उस अर्धविक्षिप्त के विषय मे जानकारी लेनी चाही किन्तु उन्हें कोई जानकारी नही मिल पाई।आधे घण्टे बाद एम्बुलेंस वहाँ पहुंची तो वह अर्धविक्षिप्त वहां से भागने लगा जिसे राजेश ने पकड़कर ना सिर्फ एम्बुलेंस में बिठाया बल्कि साथ मे स्वयं बैठकर भी गए।जिला अस्पताल पहुंचकर उन्होंने उसकी ड्रेसिंग करवाई।उन्होंने बताया कि जब जिला अस्पताल में उस अर्धविक्षिप्त के हथेली से पॉलिथीन हटाया गया तो उसकी हालत बहुत खराब थी,उसकी आधी हथेली सड़ गलकर गिर चुकी थी व पूरी हथेली में कीड़े पड़ गए थे।
उन्होंने हाड्रोजन व स्प्रिट लाकर उसके हाथ की सफाई करवाकर उसकी ड्रेसिंग करवाया फिर उसे खाना खिलाकर वहीं एडमिट भी करवाया।उनका कहना है कि जब उसके घाव भर जायेगें तो वे उस अर्धविक्षिप्त के रहने की व्यवस्था भी करेंगे।
ये तो एक वाक्या है,ऐसे ही ना जाने कितने अर्धविक्षिप्त को सड़क से उठाकर उनका इलाज करवाना,फिर उनके रहने की व्यवस्था करने का पुनीत काम राजेश कर रहे हैं।। राजेश जी वर्तमान में पूर्वांचल विश्विद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं।












