लखनऊ, संकल्प सवेरा। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में जहां आक्सीजन सिलिंडर की बड़ी मात्रा में किल्लत है। आक्सीजन के अभाव में अस्पतालों में मरीज दम तोड़ रहे हैं। वहीं, इस अवसर का लाभ उठाकर पकरी का पुल के पास स्थित मारूति मेडिकल्स का संचालक कौशल कटियार मानवता को ताख पर रखकर सिलिंडरों की कालाबाजारी में लगा था। कृष्णानगर पुलिस ने उसकी फर्म पर छापेमारी कर छोटे बड़े करीब 54 सिलिंडर और रिफलिंग के उपकरण बरामद कर लिए हैं। एसीपी कृष्णानगर स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि फर्म के माध्यम से कौशल कटियार छोटे मोटे आस्पतालों में आक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई करता था। उसका लाइसेंस भी उसके पास था। लाइसेंस की अवधि वर्ष 2019 में ही समाप्त हो गई थी। इसके बाद से वह लगातार एजेंसी और प्लांटों के स्टाफ से सिटिंग के माध्यम से वहां से सिलिंडर भरवाकर अपनी फर्म में रखता था।
परेहटा फिलिंग स्टेशन से रोजाना लेता था करीब 100 सिलिंडर : इंस्पेक्टर कृष्णानगर महेश कुमार दुबे ने बताया कि फर्म में मिले रजिस्टर और पूछताछ से पता चला कि कौशल को परेहटा इंडस्ट्रियल प्राइवेट लिमिटेड सरोजनीनगर दरोगाखेड़ा के कर्मचारियों से सेटिंग थी। वहां से इसे सिलिंडर मिलते थे। रजिस्टर की एंट्री से पता चला कि एक दिन में कौशल तीन बार अपना लोडर परेहटा फिलिंग स्टेशन भेजता था। एक बार में गाड़ी में 30 से 32 सिलिंडर आते थे। उसके बाद उन्हें फर्म में डंप करता था। यहां से सीधे जरूरतमंदों को ऊंचे दाम पर बेचता था। इस तरह फिलिंग स्टेशन की सेटिंग से करीब 100 सिलिंडर की कालाबाजारी प्रति दिन करता था। परेटहा स्टेशन के संचालक को जल्द ही नोटिस जारी कर उनके यहां जो भी कर्मचारी कालाबाजारी में शामिल होगा उसके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।
15 से 20 हजार में जरूरतमंदों को बेचता था सिलिंडर : इंस्पेक्टर ने बताया कि जरूरतमंदों को सिलिंडर 15 से 20 हजार रुपये में बेचता था। इसके साथ ही अगर कोई फिलिंग कराने आता था तो 500 रुपये कीमत में रिफलिंग होने वाले सिलिंडर दो से तीन हजार रुपये में भरता भी था। फर्म से 13 भरे सिलिंडर, 19 खाली और 18 छोटे सिलिंडर बरामद हुए हैं।
महारुद्रा इंटरप्राइजेज के नाम से फर्जी जीएसटी नंबर पर काटता था बिल : अक्सर जरूरतमंद इससे बिल नहीं मांगते थे। अगर कोई मांगता था तो मारुति मेडिकल के स्थान पर महारुद्रा इंटरप्राइजेज के नाम से बिल काटता था। जिस पर फर्जी जीएसटी नंबर पड़ा था। इंस्पेक्टर ने बताया कि कई अन्य बिंदुओं की भी पड़ताल की जा रही है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश जारी है।












