लखनऊ,। कोरोना के अब तक दो दर्जन से भी अधिक वैरिएंट सामने आ चुके हैं। अब डबल व ट्रिपल म्यूटेंट ने संक्रमण को रफ्तार दे दी है। यही वजह है कि बहुत अधिक संख्या में लोग पॉजिटिव हो रहे हैं। म्यूटेंट वायरस के अटैक से मरीजों में गंभीरता व मौतों का ग्राफ भी बढ़ रहा है। ज्यादातर लोग कपड़े के बने सिंगल लेयर मास्क ही पहन रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार म्यूटेंट वायरस सिंगल लेयर कपड़े के मास्क को आसानी से भेद सकता है। इसलिए इसके नीचे तीन लेयर वाला सर्जिकल मास्क पहनना भी जरूरी है। अगर सिंगल मास्क पहनना है तो एन-95 मास्क बगैर फिल्टर वाले पहनना सुरक्षित है।
केजीएमयू में पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डा. वेद प्रकाश कहते हैं कि डबल म्यूटेंट से बचने के लिए दोहरे मास्क ही पहनने चाहिए। इसका फायदा यह होता है कि अंदर पहना जाने वाले तीन लेयर का सर्जिकल मास्क डिस्पोजल होता है। थोक में इसकी कीमत एक से डेढ़ रुपये ही पड़ती है। इसे इस्तेमाल करके डिस्पोज किया जा सकता है। इससे संक्रमण का रिस्क कम हो जाता है। इसके ऊपर पहने गए कपड़े के मास्क को धुलकर फिर से पहन सकते हैं। मगर सिर्फ कपड़े का मास्क पहन रहे हैं तो इसमें ड्रॉपलेट आरपार हो सकते हैं। ऐसे में संक्रमण हो सकता है। इसलिए पहले सर्जिकल मास्क को लगा लें। फिर उसके ऊपर चेहरे पर पूरी तरह फिट आने वाला कपड़े का मास्क पहनें। इसके अलावा एन-95 मास्क का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके नीचे सर्जिकल मास्क की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कब व कैसे पहनें मास्क: लोहिया संस्थान में माइक्रोबॉयोलॉजी की विभागाध्यक्ष डा. ज्योत्सना अग्रवाल कहती हैं कि अधिकांश लोग सही तरीके से मास्क पहनते ही नहीं हैं। उनका मास्क या तो नाक के नीचे लटका रहेगा या फिर वह चेहरे पर पूरी तरह फिट नहीं होगा और ढीला भी रहेगा। ऐसे मास्क पहनने का कोई मतलब नहीं होता। इससे कोरोना संक्रमण और भी बढ़ता है। मास्क चेहरे को पूरा कवर करने वाला होना चाहिए। उसे बीच में न तो छूना चाहिए और न ही वहां से खिसकाकर पहनना या उतारना चाहिए। इसे कान के दोनों छोर से पहनें व उतारें। जब आप घर, दफ्तर या कार में हों तो मास्क उतार सकते हैं। बाकी बाहर व भीड़ में होने पर लगाए रखें। दोहरे मास्क लगाएं। इससे सुरक्षा भी दोहरी हो जाती है।












