जौनपुर,संकल्प सवेरा कड़ी धूप और कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच जहां लोग असुरक्षित जगहों पर नहीं जाना चाहते, वहीं आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर सैम्पलिंग करवाने, कोविड पॉजिटिव के उपचार, होम आइसोलेशन की व्यवस्था तथा समय पर उनकी दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में लगी हैं। भ्रमण के दौरान कुछ लोगों के बुरा बर्ताव और असहयोग करने से भी वह जिम्मेदारी निभाने से पीछे नहीं हट रहीं हैं।
बरसठी ब्लॉक के बसहरा गांव की आशा कार्यकर्ता आरती अप्रैल माह में ही अपने क्षेत्र में एक बार 70 लोगों की और एक बार 50 लोगों की सैम्पलिंग करा चुकी हैं। इसमें से 10 लोग पॉजिटिव पाये गए थे । इसमें से एक को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरसठी और उसके बाद कोविड हॉस्पिटल में उपचार कराया गया ।
पॉजिटिव लोगों तथा उनके सम्पर्कियों को होम कोरेंटाइन कराकर उनकी दवा की व्यवस्था की गयी तथा फोन के माध्यम से उन्हें दवा लेने के लिए प्रेरित करती रहीं। इस गांव के लोग बड़ी संख्या में बाहर रहते हैं। उनके गांव पहुंचते ही ग्राम निगरानी समिति में उनका नाम दर्ज कराकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर उनकी कोविड जांच कराई। हालांकि इस दौरान कई मौकों पर उन्हें अपमानजनक स्थितियों का सामना करना पड़ा । एक व्यक्ति के पॉजिटिव होने पर लोगों से होम कोरेंटाइन रहने तक उनसे थोड़ी दूरी बनाकर रहने के बारे में समझाने पर उन्हें जुबान संभालकर रहने की नसीहत मिली। हालांकि उन्होंने समझाया कि उन्होंने लोगों में संक्रमण न बढ़ने पाए, इसलिए समझाया लेकिन उनकी नाराजगी कम नहीं हुई। प्रवासियों की भी ग्राम निगरानी समिति में एंट्री करने पर भी नाराजगी झेलनी पड़ी। किसी ने कहा कि एंट्री करने पर हमें क्या मिलेगा तो किसी ने अपना मोबाइल नम्बर नहीं दिया।
मछलीशहर ब्लॉक के जमालपुर की आशा कार्यकर्ता वंदना अभी तक 35 लोगों की सैम्पलिंग करा चुकी हैं। इसके अलावा लोगों को सीएचसी भेजकर जांच करवाया है। उन्होंने क्षेत्र में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए जागरूकता के लिए बड़ा काम किया है। क्षेत्र में एक-एक परिवार से मिलकर बताया कि कोविड-19 का संक्रमण रोकने में सबसे बड़ा अस्त्र मास्क लगाना है। इसके अलावा एक-दूसरे से दो गज की दूरी बनाकर रहने तथा कुछ छूने के बाद साबुन-पानी से हाथ धुलने की आदत से कोविड-19 का संक्रमण फैलने से रोका जा सकता है। इसका नतीजा है कि आज गांव में लोग संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक हैं। ज्यादातर लोग प्रोटोकॉल का पालन करते हैं।
आशा सर्विलांस कोविड-19 के नोडल अधिकारी व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एसके जायसवाल का कहना है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने से लेकर सैम्पलिंग कराने और उनके उपचार की व्यवस्था कराने में क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता लगी हैं। उनकी कोशिशों के चलते आशा है कि जल्द ही सभी लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने को आदत में शुमार कर लेंगे।












