चन्दौली संकल्प सवेरा उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लोकतंत्र के रंग सामने आने लगे हैं. कोरोना (COVID-19) की इस विकट स्थिति में एक तरफ जहां दिग्गज चुनावी मैदान में जोर आजमाइश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लड़कियां भी पीछे नहीं हैं. चंदौली (Chandauli) में बरहनी ब्लॉक निवासी छात्रा कामना भी जिला पंचायत सदस्य के लिए नामांकन करने पहुंच गई है. कामना काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी में मास्टर ऑफ सोशल वर्क की छात्रा है. वह राजनीति को सोशल वर्क का बड़ा जरिया मानती हैं. कामना का कहना है कि शिक्षा से विकास सम्भव है इस वजह से उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किये जाने को प्राथमिकता बताया. छात्रा के इस कदम लोग सराह रहे है.
दरअसल उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है. जिसके लिए तमाम राजनीतिक पार्टियां भी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर अपनी ताकत लगा दी है. इस बीच मंगलवार को नामांकन के लिए बरहनी ब्लॉक के सेक्टर नंबर-3 से कामना अपने प्रस्तावकों के साथ नामांकन करने पहुंचीं तो चर्चा का केंद्र बन गईं. उन्होंने पत्रकारो से बातचीत में बताया कि वह चुनाव जीतकर क्षेत्र के बीच का शिक्षा व्यवस्था को सुदृण करने का प्रयास करेंगी. इसके अलावा लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार और गरीबों को आवास के उनके प्रमुख एजेंडे के रूप में शामिल रहेगा. साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि क्षेत्र की जनता उन्हें प्यार और दुलार के रूप में वोट वर्षा कर उन्हें जीत दिलाएगी, और वे उनका नेतृत्व करते हुए उनकी सेवा कर पाएंगी
एमएसडब्ल्यू की छात्रा हैं कामना
बता दें कि इसी सामाजिक सोच को विचारधारा को सैद्धान्तिक आधार प्रदान करने के लिए कामना वाराणसी के काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से एमएसडब्ल्यू (Master of Social Work) की पढ़ाई कर रही हैं. उन्हें शुरू से ही समाज सेवा और लोगों की मदद करना काफी पसंद है, या यूं कहें यह उनकी हॉबी है. अपनी इसी हॉबी को की वजह से कामना ने भी बरहनी ब्लॉक के सेक्टर नंबर 3 से जिला पंचायत सदस्य के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन किया है.












