संकल्प सवेरा कोरोना (COVID-19) की दूसरी लहर के मद्देनजर गहलोत सरकार पूरी तरह से सख्ती के मूड में है. राजस्थान में 14 मई के आखातीज और 26 मई को पीपल पूर्णिमा के सावे पर प्रशासन की खास नजर रहेगी. विवाह समारोह (Marriage ceremony) में 50 से अधिक व्यक्ति शामिल होने पर संबंधित व्यक्ति पर 25000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. सरकार ने बैंड-बाजा पार्टी को 50 व्यक्तियों की संख्या से अलग रखा है.
गृह विभाग की गाइडलाइन के अनुसार, समस्त कार्यपालक मजिस्ट्रेट, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को जुर्माना लगाने की शक्ति प्रदान की गई है. 31 मई तक विवाह समेत अन्य निजी समारोह में 50 से ज्यादा अतिथि नहीं बुलाए जा सकेंगे. कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर मैरिज गार्डन को सील कर दिया जाएगा.
अलग-अलग जुर्माना राशि तय
16 अप्रैल यानी शुक्रवार सुबह 6 बजे से प्रदेशभर में नई गाइडलाइन लागू हो चुकी है. गाइडलाइन के उल्लंघन पर भारी जुर्माना और सजा का प्रावधान किया गया है. गृह विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि गाइडलाइन का पालन न करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे. दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने पर अलग-अलग नियमों के लिए अलग-अलग जुर्माना राशि तय की गई है.
गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर तय जुर्माना
मास्क नहीं पहनने पर 500 रुपये का जुर्माना.
– ग्राहक को बिना मास्क पहने हुए सामान देने पर दुकानदार पर 500 रुपये का जुर्माना.
– सामाजिक दूरी की पालना नहीं करने पर 100 रुपये का जुर्माना.
– सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर 200 रुपये का जुर्माना.
– सार्वजनिक स्थान पर शराब, गुटखा और पान का उपयोग करने पर 500 रुपये का जुर्माना.
– उपखंड अधिकारी को सूचना दिए बिना विवाह करने पर 5000 रुपये का जुर्माना.
– विवाह संबंधी समारोह में 50 से अधिक व्यक्ति शामिल होने पर आयोजनकर्ता पर 25000 रुपये का जुर्माना.
– बिना मास्क परिवहन करने पर 500 रुपये का जुर्माना.
– कार्यस्थल को नियमित रूप से सैनिटाइजेशन नहीं करने पर 10000 रुपये का जुर्माना.
– बिना अनुमति के सार्वजनिक कार्यक्रम करने पर 10000 रुपये का जुर्माना.












