मैं राम हूँ,
अयोध्या का राजा,
मिथिला की राजदुलारी सीता का पतिपरमेश्वर राम।
दशरथसुत,
कौशल्या- कैकेयी- सुमित्रा का दुलारा राम हूँ मैं।
मैं त्रेता का वीर शिरोमणि,
ब्रह्मर्षिद्वय वशिष्ठ और विश्वामित्र का शिष्य,
लंकेश रावण का विनाशक,
शिव उपासक राम हूँ मैं।
मैं कहना चाहता हूँ माँ भारती के उपासक पुत्र एवं पुत्रियों से,
राम हर पल तुम्हारे साथ है,
तुम हर पल माँ भारती के लिये जियो।।
– पुष्कर मिश्र, द्रोणीपुर।












