सरायख्खाजा जौनपुर गोमती नदी पर 19 करोड़ रुपए की धनराशि से निर्माणाधीन210 मीटर लम्बे सेतु के निर्माण बजट के अभाव में लटका पडा हैं।इस सेतु परीयोजना के पूर्ण होने पर बदलापुर तहशील को शाहगंज तहशील के सीधा जुड जाने से सैकड़ों गांवों को फायदा पहुंचाने में मदद मिलेगी। बताया गया है कि2016 में अखिलेश यादव ने अपने मुख्यमंत्री काल में मल्हनी विधानसभा क्षेत्र के आदमपुर में गोमती नदी पर14करोड की लागत से210 मीटर लम्बे तथा साढ़े सात मीटर चौड़े पुल की स्वीकृति देते हुए धनराशि आवंटित कर वर्ष2019 में कार्य पूर्ण करने के आदेश दिए
निर्माण कार्य प्रारंभ बहुत तेजी से शुरु भी हुआ लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो गया और भाजपा की सरकार आ गयी ।प्रदेश में जौनपुर की मल्हनी विधानसभा हाट सीट मानी जाती है जहां पर आज तक समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा और प्रदेश सपा के कद्दावर नेता पारसनाथ यादव कैबिनेट मंत्री चुनाव में विजयी होते रहे। उनके निधन से खाली मल्हनी विधानसभा उप चुनाव में पारसनाथ यादव के बेटे लकी यादव ने जीत दर्ज कर पिता की सीट को बरकरार रखने में कामयाब रहे। भाजपा की सरकार बनने पर इस परियोजना पर ग्रहण लग गया और ढाई साल परियोजना ठप हो गई।
अब जब वर्ष2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं तों सरकार ने इस परियोजना की लागत पांच करोड़ बढा कर कुल19करोडुकर दी है।कार्य दायी संस्था पीडब्लू डी के सेतु निगम ने पुनः चालू किया हैं प्रदेश सरकार के अड़ियल रवैए के कारण गोमती नदी पर बनने वाले इस महत्वपूर्ण परियोजना पश्र ग्रहण लगने से आम जनता को कठिनाई उठानी पड़ रही है। इस परियोजना को अब अक्टूबर2021 में सेतु निगम को तैयार करके देना हैं अभी तक निर्माण कार्य का आधा हिस्सा भी नहीं बन पाया है।
आदमपुर लेदुका सेतु परीयोजना के पूर्ण होने से जहां आम आदमी को सहूलियत होगी वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के गढ़ में भाजपा को बढ़त मिल सकेगी।शाहगंज और मल्हनी विधानसभा के सैकड़ों गांवों की की जनता को सीधा लाभ होगा और बदलापुर तहशील से वाया लखनऊ की दूरी बीस किलोमीटर तक कम हो जायेगी अब देखना है कि क्या यह परियोजना प्रदेश सरकार की गाईड लाईन पर हो पाता है कि या फिर एक बार समय सीमा में वृध्दि होती है












