वाराणसी। सन 2020 का अंतिम ग्रहण खग्रास सूर्यग्रहण होने से वृश्चिक राशि में सूर्य ग्रहण का प्रभाव रहेगा। ग्रहण के समय सूर्य चंद्रमा बुध शुक्र और केतु की उपस्थिति रहेगी। यह विश्व पटल पर भी अपना विशेष प्रभाव डालेगा। जिसके फलस्वरूप विश्व के अनेक राजनीतिक स्तर पर, धातु बाजार में घटाव बढ़ाव के साथ उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। आपदाएं, जलवायु, दुर्घटना की आशंका रहेगी। कई देशों में सत्ता परिवर्तन व पक्ष विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप बढ़ेंगे। मौसम में अजीबोगरीब परिवर्तन होगा, दैवीय आपदाएं भी प्रभावी रहेंगी।
आर्थिक और राजनीतिक घोटाले भी शासक पक्ष के लिए सिरदर्द बनेंगे। ज्योतिष के अनुसार शनि अथवा साढ़ेसाती हो या जन्म कुंडली के अनुसार ग्रहों की महादशा अंतर्दशा या प्रत्यंतर दशा प्रतिकूल हो उनको सूर्य ग्रहण काल में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही सूर्य ग्रहण् से संबंधित आदित्य हृदय स्त्रोत गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। इसके साथ ही राशि अनुरूप उपायों को अपनाने से भी लोगों को काफी राहत मिल सकेगी।
वर्ष 2020 का अंतिम ग्रहण खग्रास सूर्यग्रहण मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अमावस्या 14 दिसंबर सोमवार को विदेशों में ही दिखाई देगा। यह ग्रहण ज्येष्ठा नक्षत्र वृश्चिक राशि पर लगेगा। जिसकी वजह से वृश्चिक राशि विशेष रूप से प्रभावित होगी। जिनका जन्म वृश्चिक राशि एवं ज्येष्ठा नक्षत्र में है उनके लिए यह ग्रहण शुभ फलदाई कतई नहीं है। जिन्हें हर पक्ष में विशेष सावधानी रखनी चाहिए। ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने इस बाबत बताया कि ग्रहण का स्पर्श काल भारतीय मानक समय के अनुसार 14 दिसंबर सोमवार को रात्रि 7:03 पर ग्रहण स्पर्श होगा। ग्रहण का मध्य 9:46 पर ग्रहण का मोक्ष कल रात्रि 12:30 पर, ग्रहण की अवधि 9 घंटा 19 मिनट की होगी। बताया कि यह सूर्य ग्रहण भारत में पूरी तरह से अदृश्य है।
वर्ष 2020 का अंतिम ग्रहण खग्रास सूर्यग्रहण मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अमावस्या 14 दिसंबर सोमवार को विदेशों में ही दिखाई देगा। यह ग्रहण ज्येष्ठा नक्षत्र वृश्चिक राशि पर लगेगा। जिसकी वजह से वृश्चिक राशि विशेष रूप से प्रभावित होगी। जिनका जन्म वृश्चिक राशि एवं ज्येष्ठा नक्षत्र में है उनके लिए यह ग्रहण शुभ फलदाई कतई नहीं है। जिन्हें हर पक्ष में विशेष सावधानी रखनी चाहिए। ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने इस बाबत बताया कि ग्रहण का स्पर्श काल भारतीय मानक समय के अनुसार 14 दिसंबर सोमवार को रात्रि 7:03 पर ग्रहण स्पर्श होगा। ग्रहण का मध्य 9:46 पर ग्रहण का मोक्ष कल रात्रि 12:30 पर, ग्रहण की अवधि 9 घंटा 19 मिनट की होगी। बताया कि यह सूर्य ग्रहण भारत में पूरी तरह से अदृश्य है।साभार दैनिक जागरण












