जौनपुर- जनपद जौनपुर के गौरव साहित्यकार, इतिहासकार, शिक्षाविद ,बी.एड. एम.एड.,इतिहास, हिंदी साहित्य, उपन्यास, कहानी संग्रह, कविता तथा शोधकर्ताओं हेतु जौनपुर का गौरवशाली इतिहास पुस्तक सहित 300 से अधिक पुस्तकों के लेखक राष्ट्रपति भवन में सम्मानित राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित प्रचार प्रसार से दूर सहजता ,सरलता से ओतप्रोत ,ऊर्जावान 82 वर्ष की अवस्था में भी निरंतर लेखनरत सत्य नारायण दुबे शरतेन्दु जी का 83 वां जन्मदिन साहित्य सृजन संस्थान नगर कार्यालय परमानतपुर में डॉ अजय कुमार दुबे की अध्यक्षता में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया । सभी सुभेच्छु,विद्वत जन डॉ शरतेन्दु जी के स्वस्थ एवं दीर्घायु होने की कामना किया ।
83 वर्ष की अवस्था में भी निरंतर लेखन में रत, इस वर्ष भी दो पुस्तकें श्रीमद्भागवत एवं श्री दुर्गा सप्तशती का हिन्दी पद्यानुवाद प्रकाशित हुई है ऑनलाइन अमेजन पर तथा देशभर के बुक सेंटर पर उपलब्ध है ।उपस्थित समस्त शिक्षाविदों ने डॉ शरतेन्दु जी के स्वस्थ ,दीर्घायु एवं मंगलमय कामना किया साहित्य के क्षेत्र 82 वर्ष की अवस्था में भी मां दुर्गा और गीता की रचना आपने किया है जो कि आने वाले दिनों में समस्त लोगों का प्रेरणास्रोत बनेगी
डॉ भारतेंदु मिश्रा ने कहा इस अवस्था में भी शरतेन्दु जी की बी.एड .और एम.एड.के समस्त प्रश्नपत्रों पर आप की किताबें आई है जिससे पूर्वांचल ही नहीं वरन देश प्रदेश के अधिकांश छात्र लाभान्वित हो रहे हैं । डॉ योगेश पाठक ने शरतेन्दु जी के सरलता ,सहजता को अत्यंत ही प्रेरणादाई बताया । इंद्र प्रकाश सिंह ने के छात्रों के हित के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहने को अत्यधिक मूल्यवान बताया ।जन्म दिवस के कार्यक्रम में डॉ सुरेंद्र दुबे, डॉ रामेश्वर नाथ मिश्रा ,अवधेश कुमार,अमित कुमार, शिवम ने भी अपने विचार व्यक्त किए ।












