सुईथाकला,जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा सरायमोहिउद्दीनपुर स्थित बैंक के मैनेजर पर केसीसी के मामले में 15 हजार रुपए कमीशन लेने का आरोप एक किसान द्वारा लगाया गया। आरोप है कि कमीशन देने से मना करने पर मैनेजर व कैशियर ने चेक से भुगतान लेने पर 15 हजार रुपए जबरदस्ती काट लिया गया। पीड़ित किसान ने मामले की सूचना मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी समेत बैंक के उच्चाधिकारियों को दी।
क्षेत्र के बघरवारा गांव निवासी अच्छेलाल बिंद पुत्र सदल ने आरोप लगाया कि बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक सराय मोहिउद्दीन पुर शाखा से एक लाख पचास हजार रुपए का किसान क्रेडिट कार्ड लिया। जो 11 नवंबर को खाते में रुपया पहुंचने पर शाखा प्रबंधक द्वारा 10 प्रतिशत के हिसाब से 15 हजार रुपए कमीशन की मांग किया। उपभोक्ता ने कमीशन देने से इंकार कर दिया। दूसरे दिन वो अपने खाते से 95 हजार रुपए निकालने के लिए चेक जमा किया।
जिसमें उसके खाते से 80 हजार रुपए का भुगतान कर शेष नहीं दिया गया। रुपए कम होने पर पीड़ित जब पूछा तो कैशियर ने मैनेजर के आदेश पर 15 हजार रुपए काटने की बात की। पीड़ित उपभोक्ता के मुताबिक जब वह मैनेजर के पास पहुंचा तो बैंक मैनेजर ने अपना कमीशन काटने की बात करते हुए उसे धमकाकर बैंक से भगा दिया।
पीड़ित ने घटना की लिखित सूचना जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री, बैंक के क्षेत्राधिकारी, केंद्रीय सतर्कता आयोग व बैंक लोकपाल को देकर न्याय की गुहार लगाई है।मामले मे शाखा प्रबंधक सुशील यादव ने आरोप को निराधार बताया।












