बिहार की राजनीति में इन दिनों सबसे अधिक अगर कोई नाम चर्चा में है तो वह है तेजस्वी यादव क्रिकेटर से बिहार के डिप्टी सीएम तक का सफर कर चुका यह युवा राजनेता सोमवार को अपना 31वां जन्मदिन मना रहा है, लालू की गैरमौजूदगी में जिस तरह से बिहार के चुनाव के नतीजों में तेजस्वी यादव के सीएम बनने का अनुमान लगाया जा रहा है, वैसे में बहुत कम समय में इनकी चर्चा चहुंओर हो रही है.
आईपीएल के कई सीजन्स में दिल्ली डेयरडेविल्स टीम का हिस्सा रहे 20 साल में क्रिकेटर 26 में डिप्टी सीएम
तेजस्वी यादव ने कभी क्रिकेट को अपना करियर बनाया था और इसमें उन्हें उनके परिवार का भी सहयोग मिल था. तब लालू भी बतौर प्रशासक क्रिकेट से जुड़े हुए थे. तेजस्वी जब 20 साल के थे यानी 2009 में उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की. इसी साल तेजस्वी झारखंड के प्रथम श्रेणी क्रिकेट टीम में शामिल किये गये. वो हरफनमौला की हैसियत से खेलने लगे और उन्होंने क्रिकेटर की तरह अपना लुक भी बना लिया. तेजस्वी ने क्रिकेट खेलना तो शुरू किया, लेकिन सही प्रदर्शन नहीं कर सके. तेजस्वी ने रणजी के साथ-साथ आईपीएल का भी रुख किया. वो आईपीएल के कई सीजन्स में दिल्ली डेयरडेविल्स टीम का हिस्सा रहे, लेकिन उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिल सका. तेजस्वी टीम में एक ऑलराउंडर थे जो बल्लेबाजी के साथ-साथ स्पिन गेंदबाजी भी करते थे.
दरअसल, तेजस्वी यादव ने पहले कभी सोचा भी नहीं था कि वह राजनीति में आएंगे और इतनी जल्दी कीर्तिमान स्थापित करने के करीब हो जाएंगे. लेकिन, वक्त का पहिया कुछ ऐसा घुमा कि क्रिकेट के मैदान में चौके-छक्के लगाने वाले तेजस्वी को बल्ले और गेंद से दूरी बनानी पड़ी और राजनीति की पिच पर नई पारी के लिए पैर जमाना पड़ा. इस दौरान उन्हें कई मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा. हालात ऐसे भी आए और लगा कि उनकी पूरी पारी जमने से पहले ही समाप्त हो जाएगी, लेकिन इस बार के चुनावी बिसात पर तेजस्वी के मोहरे विपक्षियों पर पूरी तरह से भारी पड़ रहे हैं.
लड़कियों के बीच है खास क्रेज
यूं तो लालू के दोनों बेटों में तेजस्वी छोटे हैं, लेकिन मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक के लाइम लाइट में वो अपने बड़े भाई तेजप्रताप यादव से कहीं ज्यादा आगे हैं. तेजस्वी ने बिहार की कमान संभालने से पहले ही सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता दिखाई और इलेक्शन के टाइम वार रूम बनाया. वो अपने फेसबुक पेज से लेकर ट्विटर हैंडल तक पर खासे सक्रिय रहते हैं. तेजस्वी का क्रेज लड़कियों के बीच कितना है, इसकी बानगी उस वक्त देखने को मिली थी जब वो डिप्टी सीएम के साथ-साथ बिहार के पथ निर्माण मंत्री भी थे. उनके विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत और सुझावों से ज्यादा उन्हें शादी के प्रपोजल मिलते थे. तब तेजस्वी को लगभग 40 हजार से ज्यादा लड़कियों ने शादी के लिये प्रपोज किया था. हालांकि, शादी के मसले पर तेजस्वी ने अब तक यही कहा है कि यह फैसला परिवार का है जो समय आने पर परिवार के लोग ही लेंगे.
क्रिकेट में ‘फ्लॉप’ लेकिन पॉलिटिक्स में ‘हिट’
तेजस्वी का क्रिकेटर बनने का सपना इसलिये पूरा नहीं हो सका, क्योंकि वो न तो गेंद और न ही बल्ले से मैदान पर जलवा बिखेर सके. अपने छोटे से क्रिकेटिंग करियर में तेजस्वी ने मात्र एक प्रथम श्रेणी मैच, दो ‘ए’ श्रेणी और 4 टी-20 मैच खेले. बल्लेबाजी में उनका उच्चतम स्कोर 19 रन रहा है. वहीं, गेंदबाजी में उन्होंने 10 ओवर में महज एक विकेट लिये लेकिन अपने दो साल के पॉलिटिकल करियर में तेजस्वी अब तक हिट रहे हैं. यही कारण है कि विपक्षियों पर उनके निशाने सटीक बैठते हैं और युवा उन्हें यूथ आइकन के नाम से ही पुकारते हैं.
भविष्य का चेहरा
तेजस्वी यादव का राजनीति का सफर यूं तो 7 साल पहले यानी 2010 में ही शुरू हुआ, लेकिन अब वो अपनी पार्टी यानी राजद के लिये भविष्य का चेहरा बन गये हैं. अगर एग्जिट पोल के लिहाज से बिहार के नतीजे रहे तो वो न केवल बिहार के सीएम होंगे, बल्कि देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री भी. तेजस्वी ने खुद की पहचान 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में बनाई. 2010 में उनके पिता लालू यादव ने उन्हें अपने साथ रैलियों में शामिल करने लगे थे और लोगों को उनका परिचय दिया करते थे. लेकिन, 2015 के चुनाव में तेजस्वी अपनी पार्टी के स्टार बन गये. अपनी पार्टी के गढ़ माने जाने वाले वैशाली जिले के राघोपुर से तेजस्वी पहली बार विधायक और फिर डिप्टी सीएम बने.
बड़े भाई का मिलता है साथ
तेजस्वी भले ही उम्र में अपने बड़े भाई तेजप्रताप से छोटे हैं, लेकिन प्राय: सभी लोग उन्हें ही बड़ा मानते हैं. कारण तेजस्वी की राजनीति में सक्रियता. घोटाले के आरोप लगने के बाद भी तेजस्वी को उनके बड़े भाई तेजप्रताप का लगातार साथ मिलता रहा. दोनों भाई सदन में भी साथ ही दिखते हैं, जबकि सोशल मीडिया पर भी दोनों की सक्रियता देखने को मिलती है.












