प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल में बंद माफिया डॉन और मऊ से बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की पत्नी के भाइयों- अनवर शहजाद और सरजील रजा की गिरफ्तारी पर मंगलवार तक के लिए रोक लगा दी है. इन दोनों के खिलाफ गाजीपुर के कोतवाली पुलिस थाने में गैंगस्टर कानून के तहत मामला दर्ज है. जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस एस.के पचौरी की पीठ ने अनवर शहजाद और सरजील रजा द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश दिया.
याचिकाकर्ताओं की दलील थी कि वर्ष 2019 में जमीन हड़पने के दो मामलों में फर्जी तरीके के उनका नाम शामिल किया गया. जिसके बाद 11 सितंबर, 2020 को उनके खिलाफ गैंगस्टर कानून की धारा 2/3 (1) के तहत गाजीपुर के कोतवाली पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई. एफआईआर में आरोप है कि याचिकाकर्ताओं का एक गिरोह है जिसमें उनके अलावा आफसा अंसारी भी शामिल है और यह लोग जमीन हड़पने में शामिल हैं, और बेनामी सौदों के जरिए चल एवं अचल संपत्ति हासिल करने में शामिल रहे हैं.
संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने याचिकाकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया और कहा, ‘प्राथमिकी में बेनामी सौदों के जरिए चल-अचल संपत्ति हासिल करने के लिए गिरोह बनाने का आरोप है जिसकी जांच जरूरी है. इसलिए प्राथमिकी रद्द करने का याचिकाकर्ताओं का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जा सकता.’
अदालत ने इस मामले की जांच पर रोक नहीं लगाई, लेकिन पुलिस रिपोर्ट दाखिल किए जाने तक याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगाकर उन्हें राहत प्रदान की. कोर्ट ने कहा, ‘याचिकाकर्ताओं के खिलाफ जिन दो मामलों का हवाला दिया गया है, एफआईआर में उनके नाम नहीं थे और पूरक आरोपपत्र के जरिए उनके नाम जोड़े गए हैं.’
मुख्तार अंसारी की पत्नी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर परिवार के लिए मांगी थी सुरक्षा
बता दें कि दो दिन पहले मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां अंसारी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर अपने परिवार के लिए सुरक्षा की गुहार लगाई थी. पत्र में उन्होंने यह आशंका जताई थी कि बीजेपी सरकार के इशारे पर उनके परिवार के साथ कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है. सोमवार को गाजीपुर से बहुजन समाज पार्टी (BSP) के सांसद और मुख्तार अंसारी के बड़े भाई अफजाल अंसारी ने अफशां अंसारी की ओर से राष्ट्रपति को लिखा गया पत्र मीडिया को जारी किया था.











