जौनपुर । मल्हनी उपचुनाव को लेकर चुनावी चकल्लस जारी है। चुनाव को लेकर हर कोई प्रत्याशी अपने.अपने दांवे कर रहा है। तर्कों के तीर छोड़े जा रहे हैं। जीत.हार की भविष्यवाणी की जा रही है। कुल मिलाकर सियासी पारा अब अपने चरम पर है । संकल्प सवेरा ने भी मल्हनी के बुजर्गों के मन को टटोलने की कोशिश की। काफी कुरेदने पर रामनयन कहते हैं इन बूढ़ी आंखों ने बहुत चुनाव देखे। नेहरू इंदिरा से लेकर मोदी तक का जमाना देखा और देख भी रहे है। आगे कहते हैं कि वैसे तो मल्हनी में इस समय बड़े.बड़े दिग्गज दिखाई पड़ रहे हैं लेकिन इस बार तो हवा धनंजय सिंह की बह रही है।
मल्हनी में सियासी अखाड़े में उतरे निर्दल प्रत्याशी धनंजय सिंह को युवाओं के साथ बुजुर्गों का भी आशीर्वाद मिल रहा है। वो जहां भी जा रहे हैं लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। वोटबैंक की राजनीति से इतर धनंजय सिंह ने बुजुर्गों की दिलों में एक खास जगह बना ली है। इसकी वजह है उनकी विकासवादी सोच। बुजुर्गों को भी धनंजय सिंह काफी उम्मीदें हैं। उन्हें लगता है कि धनंजय सिंह ही इस क्षेत्र का विकास कर सकते हैं। क्षेत्र में नेता तो बहुत हैं लेकिन मुसीबत के वक्त धनंजय सिंह ही लोगों के काम आते हैं। वो बताते हैंए आप कभी भी मुसीबत में रहिएए बस एक बार धनंजय को याद कीजिये मदद जरुर पहुंचेगी।
मल्हनी में एक दशक तक रहा है कब्जा
साल 2002 से 2012 तक मल्हनी की सियासत में धनंजय सिंह के परिवार का कब्जा रहा। वो खुद दो बार विधायक चुने गए। इसके अलावा साल 2009 में वो जौनपुर के सांसद भी बने। इस दौरान उनके पिता भी एक बार विधायक चुने गए। इस दौरान धनंजय सिंह ने क्षेत्र के लोगों के बीच गहरी पकड़ बना ली। धनंजय चाहे क्षेत्र में रहे या फिर लखनऊ या दिल्ली। लोगों की एक आवाज पर मदद पहुंचाने का काम किया जाता है। क्षेत्र में विकास कार्यों के अलावा वो लोगों से हर वक्त जुड़े रहते हैं। हर सुख दुख में वो लोगों के बीच मौजूद रहते हैं।














