जौनपुर मल्हनी विधानसभा में आगामी 3 नवंबर को होने वाले उपचुनाव को लेकर जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन प्रत्याशियों की हर तरफ निगरानी रख रहा है। ऐसे में पुलिस प्रशासन द्वारा प्रत्याशियों के काफिले में दौड़ रही गाड़ियों पर खासतौर से नजर रखी जा रही है ।आज निर्दल प्रत्याशी धनंजय सिंह की काफिले में दौड़ रही करीब 10 दो पहिया गाड़ियों को लाइन बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत लाइन बाजार पुलिस व सीओ सिटी रणविजय सिंह ने प्रचार के दौरान जगतगंज में गाडियो का चलाना किया गया लेकिन सवाल तो सत्ता पक्ष के प्रत्याशी के ऊपर उठता है क्या भाजपा प्रत्याशी मनोज सिंह आचार संहिता का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं की सत्ता के इशारे पर मनोज सिंह नजरअंदाज कर रही है? जिला प्रशासन इस बात को लेकर मिली विधानसभा कि वोटरों में खासा चर्चा का विषय बना हुआ है
बता दें कि इस मामले में धनंजय सिंह ने मीडिया से वार्ता करते हुय कहा कि चुनाव को लेकर कोई लड़ाई नहीं है चुनाव एक तरफा है यहां पर मुझसे कोई चुनाव नहीं लड़ रहा है यहां पर जिला निर्वाचन अधिकारी अधिकारी और पुलिस से चुनाव लड़ रहा हूँ। यहां पर जो लोग चाय की दुकान पर समर्थन में बैठे हैं चाय पी रहे हैं उनको उठाकर उनकी गाड़ी को चालान किया जा रहे हैं। धनंजय सिंह ने आगे कहा कि जिला प्रशासन गुंडागर्दी पर उतर आया है जहां मौका पा रहे हैं वही गाड़ी पकड़ रहे हैं कितने लोगों को गाड़ी पकड़ेंगे हमारे हजारों लाखों की तादाद में समर्थक हैं कितने लोग पकड़ोगे प्रशासन सिर्फ जनता को गुमराह कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को गुमराह कर रखे हैं कि हम आपको चुनाव जीत कर देंगे चुनाव पूरी तरह से यहां पर सपा और भाजपा मिलकर मुझसे चुनाव लड़ रहे हैं। इस मामले में मैंने इलेक्शन कमिशन को भी सूचना दिया है ।चुनाव संपन्न होने दीजिए 10 तारीख को समय बताएगा उन्होंने कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने ग्राम प्रधान से कहा कि मेरे नाम का लगा बोर्ड खुलवा दो इस तरह की भाषा राजनीतिक लोग प्रोयोग नही करते हैं। जिलाधिकारी द्वारा ग्राम प्रधान को बुलाकर यह कहा कि सुलभ शौचालय पर इसका उद्घाटन किया गया था इसको खुलवा दो जबकि सुलभ शौचालय का उद्घाटन पूर्व विधायक पूर्व मंत्री कोई भी कर सकता है। यह पूरी तरह से गुंडागर्दी की जा रही है।चुनाव आयोग आंख बंद करके बैठा हुआ है इस चुनाव में इसका जवाब जनता देगी लोग सड़कों पर उतरेंगे इस तरह के हालात जो पैदा कर रहे हैं। शांति से चुनाव संपन्न नहीं होने देना चाह रहे हैं। बीजेपी के लोगों को गांव-गांव में जगह नहीं मिल रही है कि कहां अपना विचार रखे। पुराना इतिहास भी उठा कर देख ले कि कौन कितना वोट पाया है तो मालूम हो जाएगा कि हम किस तरह से चुनाव जीते हैं। इनके सांसदों को खुद नहीं मालूम है कि भारत सरकार की गाइड लाइन क्या है और उसकी योजना क्या है सांसदों मंत्रियों को नहीं पता है सिर्फ मोदी और योगी के नाम का नारा लगाकर यह चुनाव लड़ना चाह रहे हैं। यदि हमारे पास समर्थन नहीं है हमारे पास चुनाव लड़ने की ताकत नहीं है तो चुनाव लड़के देखो उन्होंने 1 दिन पहले भाजपा के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त द्वारा उनके ऊपर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उनको बता देना चाहता हूं कि विरेंद्र सिंह मस्त जी सरकार किसी दल की नहीं होती है भाजपा की कोई योजना नहीं होती है योजना सरकार की होती है सरकार तिरंगे के नीचे चलती है। वह सांसद हैं अपनी बोली भाषा अच्छी रखें और सांसद की मर्यादा का ध्यान रखें। लोकतंत्र कैसे मजबूत होता है चंद्रशेखर जी के साथ रहकर देखा है जिसने उनको पहली बार टिकट देकर चुनाव जीतवाया जब वह उसके नहीं हुए तो किसी के क्या होंगे। वह अच्छी शब्द भाषा का प्रयोग करें यही अच्छा होगा।
वहीं इस मामले में सीओ सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि किसी का मेरे ऊपर पर कोई दबाव नहीं नहीं है जो नियम केअनुसार है वह किया जा रहा है जो भी आचार संहिता का उल्लंघन करेगा उसकी गाड़ियां सीज की जाएंगी चाहे कोई भी पार्टी हो जो भी आचार संहिता का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इस मामले पर सांसद समर्थक शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि यह जिला प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई की जा रही है हमारे समर्थकों को उनके घर से उठाकर उनके गाड़ियों पर लेबल चपका कर जबरदस्ती उनका चालान किया जाएगा उन्हें जेल भेजा जा रहा है जबकि अभी कल बगल में भाजपा का कार्यक्रम था जहां हजारों की तादाद में लोग बैठे थे उनके साथ उनके समर्थकों के साथ कुछ भी नहीं किया जा रहा है हम लोगों को जबरदस्ती परेशान किया जा रहा है अभी यहां से तमाम भाजपा की गाड़ियां गुजरी है जिन को नहीं रोका गया और न उनके साथ कोई छेड़छाड़ की गई है हमारे कार्यकर्ताओं से जिला प्रशासन अभद्रता से पेश आ रहा और गाली गलौज भी कर रहा है।












