रिपोर्ट :-आकाश मिश्रा
जौनपुुुर । जौनपुर की मल्हनी विधानसभा में हो रहे उपचुनाव में पूर्व सांसद धनन्जय सिंह की पत्नी अपने पति के समर्थन में उतर कर चुनाव प्रचार को बड़ा मजेदार बना दिया है।
अभी तक वोटर की50%संख्या को कोई पूछने वाला नही था, यानी कि महिलाओं में कोई प्रचार ही नही करता था।

श्रीकला धनन्जय ने अपनी कलाएं दिखानी शुरू कर दी है, दो दिन के प्रचार के अंदर ही फूलमती, हिरौती, स्वीटी और सीमा सिंह की जबान चलने लगी है, अपने अपने पतियों के साथ बहस शुरू हो गई कि मैं श्रीकला धनन्जय के साथ हूं, जादा आदेश मत दीजिये, औरते घर के बाहर भी निकलना जानती हैं और राजनैतिक सोच भी रखती हैं।

फूलमती ने अपने पति से कहा–शरम करते, एक पत्नी अपने पति के साथ संकट में खड़ी है, घर घर जा रही हैं, तुम्हारे जैसे आदमी का पैर छू रही है, वोट उसको नही तो तुम्हारी विचार धारा को दूंगी।

सावित्री सत्यवान की जान यमराज से खींच लाई थी, देख लेना श्रीकला धनन्जय सिंह की विजय तेरे विचारधारा के जबड़े से निकाल लाएगी।

छोटगी पंडिताइन ने कहा सीता की पूजा राम के साथ बन बन भटकने और कष्ट सहने के कारण होती है, पार्वती शिव के वरण के कारण पूज्य हैं, धनन्जय की पत्नी अपने पति के लिए दर-दर की ढोकरे खाते हुए सबका पैर छू रही है वोट तो उसी को दूंगी नही तो नही दूंगी, कल हम लोगो के पति किसी जगह संकट में आएंगे तो हम लोग भी साथ खड़े रहेंगे, श्रीकला सीख दे रही हैं।

किसी गांव में श्रीकला धनन्जय सिंह थक के खटिया(चारपाई)पे बैठ गई जिसे देख के विवेक मिश्रा ने कहा
“”श्रीकला धनन्जय सिंह बड़ो बड़ो की खटिया खड़ी करने की तैयारी कर के उतर चुकी हैं””।

आज श्रीकला धनन्जय छतौली,सिरसी, लखापुर, गोनापार, भुइला, छतौली गांव में आकाश मिश्रा, उत्कर्ष सिंह, नांन्हक, दया पाठक, जटाशंकर तिवारी, मुन्ना उपाध्याय, कैलाश तिवारी के साथ, घर घर घूमी।

वही बगल के गांव दुदौली, सैदपुर, मचकाही, डमरुआ, में सांसद धनन्जय सिंह अपने लाव लश्कर के साथ घर-घर घूम रहे थे।

ये इलाके धनन्जय के गढ़ समझा जाता है,पिछली बार कुछ कमजोर था,कारण था कि धनन्जय इधर कम आते हैं वोट मांगने। इस बार धनन्जय अपनी कमी अपने ही गढ़ से दूर कर रहे हैं।

अपने पुत्र जैसे नेता और नई नई बहू को घर घर वोट मांगते देख पूरा गांव बाहर निकल आया।जम के आशीर्वाद मिला दोनो लोगो को, जो लोग सुस्त पड़े थे उनके में भी जान आ गई।

चिथरु से बात करके सब नेता और समर्थक चले जाते थे, उनकी पत्नियां दरवाजे की ओट से वोट के बारे में सुनती रहती थी। चिथरु, महेश, राम बरन जिसको बोले दिये वोट वही पड़ गया।

क्षेत्र में श्रीकला धनन्जय सिंह की चहल कदमी ने महिलाओं और लड़कियों में अलग सा जोश पैदा कर दिया है, घर के अंदर से चुनाव निशान देखने वाली बेटियों और बहुओं ने गांव में निकल कर वोट मांगना शुरू कर दिया है, नारे लगा के जब बुलंद आवाज में वोट मांगती हैं तो उनके भाई, और पिता भी सिकुड़ जा रहे हैं।

श्रीकला धनन्जय ने भी सबसे रिश्ता जोड़ना शुरू कर दिया है, बड़े लोगो का पैर जैसे ही छूती हैं उनको लगता है, बहु ने पैर ही नही पकड़ा है, मेरे परिवार के वोट को भी जकड़ लिया है।

नौजवान तो भौजाई पा के झूम उठे हैं, गांव का इलाका, मध्यम स्तर के लोग, उच्च कुल, उच्च शिक्षा प्राप्त, और आधुनिक स्टाइल की भौजाई ने उनके कलेजे में जोश का सैलाब भर दिया है, ऐसे भाग रहे जैसे राकेट।

देवरो के साथ आज क्रिकेट खेल के तो उन्होंने देवरो का दिल ही लूट लिया। उनका बस चले तो वो विस्वकप पकड़ा देते चुनाव क्या चीज है।

गांव की लड़कियों में भी अपने भौजाई के प्रति वही लगाव है, श्रीकला धनन्जय सिंह सौंदर्य के क्षेत्र में ब्यूटी प्रॉडक्ट्स और ब्यूटी पार्लर या कहिये स्किन ट्रीटमेंट का बड़े स्तर और बहुत आधुनिक सलून चलाती हैं।

कुछ दिन पहले” लैब’ नाम की उनके ब्यूटी प्रतिष्ठान की ओपनिंग मिस इंडिया रही हीरोइन दिया मिर्जा ने किया था।
श्रीकला का ड्रेसिंग सेंस और उसपे उनका हाव भाव लड़कियों को खूब लुभा रहा है। आज बृहस्पतिवार को पीली साड़ी पहन के प्रचार में निकलना उनके भगवान के प्रति श्रद्धा भाव के साथ साथ, पूजा पाठ में विश्वास रखने वाली बहु की छवि बना रहा था।

चुनाव चाहे जिस करवट बैठे, श्रीकला धनन्जय की कला ने विरोधियों को करवटें बदलने को मजबूर कर दिया है।
क्षेत्र में श्रीकला धनन्जय की मांग बढ़ती जा रही है, फेसबुक से लेकर हर जगह लोग उनको अपने यँहा बुला रहे हैं।

श्रीकला धनन्जय के जाने से शत प्रतिशत मतदाता खुश हो जा रहे, श्रीकला धनन्जय प्रचार का पूरा पैकेज बनती जा रही हैं।और अपने पति के लिए संकट मोचक भी












