भारतीय रेलवे (Indian Railways) त्यौहारी सीजन में 15 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच 200 विशेष ट्रेनें चलाने की योजना बना रही है ताकि त्योहारों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा न हो. यह बात रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ वीके यादव ने गुरुवार को कही. यादव ने बताया कि त्योहारी सीजन में रेलवे 200 से ज्यादा फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाएगा. वहीं, जरूरत महसूस होने या ज्यादा डिमांड होने पर स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है.(फोटो-मनीकंट्रोल)
रेलवे 12 सितंबर से 80 अतिरिक्त ट्रेनें भी चला रही है, जिन्हें क्लोन ट्रेन नाम दिया गया है. यादव ने कहा, हमने विभिन्न जोन के महाप्रबंधकों के साथ बैठक की और निर्देश दिया है कि वे स्थानीय प्रशासन से बातचीत कर कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करें. उनसे रिपोर्ट मांगी गयी है और इसी आधार पर फैसला होगा कि त्यौहारी सीजन में कितनी विशेष ट्रेनें चलायी जाएं.
रेलवे ने राज्य सरकारों की जरूरतों और महामारी के हालात को देखते हुए यात्री सुविधाओं की रोज समीक्षा करने का फैसला लिया है. यादव ने कहा कि जहां तक यात्री ट्रेनों की बात है, हम ट्रेनों की जरूरत, यातायात और कोविड 19 के हालात की रोज समीक्षा करेंगे. जहां भी जरूरत होगी, हम ट्रेनें चलाएंगे
क्लोन ट्रेन्स को लेकर यादव ने कहा कि इनमें ऑक्युपेंसी लगभग 60 फीसदी है. इन ट्रेनों को ज्यादा डिमांड वाले रूट्स पर चलाया गया है. रेलवे की कोशिश है कि जहां भी ट्रेनों के लिए लंबी वेटिंग लिस्ट है, वहां क्लोन ट्रेन चलाई जाए. रेलवे ने यह भी तय किया है कि जहां भी क्लोन ट्रेन भर जाएगी, उस रूट पर एक अन्य क्लोन ट्रेन चलाई जाएगी ताकि कोई भी यात्री वेटिंग लिस्ट में न हो.
उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन में हर व्यस्त रूट्स पर एक से दो क्लोन ट्रेनें (Clone Trains) चलाई जाएंगी. रेलवे ने अभी 40 क्लोन ट्रेनें ही चलाई हैं. इसके अलावा फेस्टिव सीजन यानी दशहरा और दिवाली से पहले देश की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस पटरी पर दौड़ सकती है. IRCTC ने 17 अक्टूबर से तेजस शुरू करने की अनुमति मांगी है.












