ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष और विधान परिषद चुनाव में रहा है धनंजय सिंह का दबदबा
जौनपुर। पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने मल्हनी विधानस सभा में अपना प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने इस विधान सभा क्षेत्र के जलालपुर, बैजापुर, नरौली आदि गांवों में गहन जनसंपर्क किया। उनके साथ विधान परिषद सदस्य ब्रजेश सिंह प्रिंसू, आलोक सिंह, नवीन सिंह, सुरेश प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य लकी सिंह, अभिषेक सिंह रघु, मोनू सिंह आदि मौजूद रहे।

पूर्व सांसद द्वारा क्षेत्र का दौरा किए जाने से सभी राजनीतिक दलों की बेचैनी बढ़ गयी है। विधान सभा क्षेत्र में उनके समर्थकों द्वारा जनसंपर्क किया जा रहा है। कुछ दिनों पूर्व चर्चा थी कि धनंजय सिंह निषाद पार्टी के प्रत्याशी के रूप में इस उपचुनाव में उतरेंगे।

इधर भारतीय जनता पार्टी ने संकेत दिया है कि उपचुनाव में भाजपा अपना प्रत्याशी खड़ा करेगी। ऐसी स्थिति में निषाद पार्टी अपने टिकट पर पूर्व सांसद को मैदान में उतारती है तो भाजपा से उसका गठबंधन टूट जायेगा। वैसे मल्हनी विधान सभा जो पहले रारी विधान सभा के नाम से जानी जाती थी, यहां से भारती जनता पार्टी कभी चुनाव नहीं जीती। इधर बहुजन समाज पार्टी से डा. मनोज सिंह सोमवंशी अपनी दावेदारी ठोंकते हुए प्रचार में जुटे है।

समाजवादी पार्टी से पूर्व मंत्री स्व. पारसनाथ यादव के पुत्र लकी यादव अपना दावा ठोंक रहे हैं। पिता के निधन के बाद से ही वे जनता के बीच जाकर संपर्क कर रहे हैं। बात जहां धनंजय सिंह की है वे यहां से दो बार विधान सभा का चुनाव जीत चुके है। बीच में वे बसपा से सांसद चुने गये तो विधान सभा की सीट रिक्त हो गयी। धनंजय सिंह इसके बाद अपने पिता ठा. राजदेव सिंह को बसपा के टिकट पर विधान सभा में पहुंचाने का कार्य किया।
उन्होने सभी राजनीतिक दलों को बौना साबित करते हुए विधान परिषद के चुनाव में ब्रजेश सिंह प्रिंसू को जिताने का ऐतिहासिक कार्य किया। सपा, बसपा और भाजपा की सरकारें भले ही प्रदेश में रही हो जनपद में अनेक लोगों को ब्लाक प्रमुख बनने के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में धनंजय सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पिछले विधान सभा चुनाव में जब भारतीय जनता पार्टी की लहर चल रही थी तब धनंजय सिंह सपा प्रत्याशी पारसनाथ के निकटतम प्रतिद्वंदी रहे। बसपा तीसरे और भाजपा चौथे नंबर पर रही।
सूत्रों की माने तो भाजपा के साथ सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह भी है कि भाजपा के कुछ नेता हिस्ट्रीशीटरों और भू माफियाओं को खुलेआम संरक्षण दे रहे हैं। इससे पार्टी के निचले स्तर के कार्यकर्ता भी क्षुब्ध है। फिलहाल धनंजय सिंह ने क्षेत्र में दौरा करके सभी राजनीतिक दलों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी है। लाकडाउन के दौरान जरूरतमंदों को लंबे समय तक भोजन वितरित किया।
उनके इस कार्य को देखकर पूरे शहर और हर विधानसभा में भाजपा के जनप्रतिनिधियों को मजबूरी में पूजन वितरण करना पड़ा। देखना है धनंजय सिंह किसी राजनीतिक दल के प्रत्याशी के रूप में चुनाव में उतरते है अथवा स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में।












