टीडी कॉलेज जौनपुर द्वारा एक दिवसीय वेबीनार का आयोजन
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी वाराणसी के निर्देश के अनुपालन में टीडी कॉलेज जौनपुर द्वारा एक दिवसीय वेबीनार जिसका विषय “न्यू एजुकेशन पॉलिसी: अ पैराडाइम शिफ्ट” का आयोजन दिनांक 4 सितंबर 2020 को किया गया। इस वेबीनार में संरक्षक के रूप में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस मौर्य, महाविद्यालय के प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर श्री प्रकाश सिंह, प्रबंधक ठाकुर अशोक कुमार सिंह, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सरोज सिंह के साथ ही साथ मुख्य वक्ता के रूप में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के माननीय कुलपति प्रोफेसर टी एन सिंह , जेपी यूनिवर्सिटी, छपरा के पूर्व कुलपति माननीय प्रोफेसर हरिकेश सिंह जी, न्यू एजुकेशन पॉलिसी स्टीयरिंग कमेटी उत्तर प्रदेश के सदस्य डॉ राज शरण शाही उपस्थित थे। इस एक दिवसीय वेबीनार के समन्वय डॉ अरुण कुमार सिंह जी और आयोजन शिल्पी डॉ राजेंद्र प्रसाद गुप्ता जी थे।
इस वेबीनार का उद्घाटन 4 सितंबर 2020 को अपराहन 11:00 बजे महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ सरोज सिंह जी के स्वागत भाषण से आरंभ हुआ। तत्पश्चात हमारे संरक्षकों द्वारा कार्यक्रम की सफलता हेतु आशीर्वचन प्राप्त हुआ। मुख्य संरक्षिका माननीया कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस मौर्या जी ने अपने वक्तव्य में नई शिक्षा नीति को छात्रों और युवाओं को स्वालंबन प्रदान करने वाली और स्वरोजगार देने वाली बताया। इसके साथ ही साथ उन्होंने नई शिक्षा नीति के समावेशी पहलू पर भी जोर दिया। इस वेबीनार के कन्वीनर डॉ अरुण कुमार सिंह द्वारा विषय प्रवर्तन किया गया। विषय प्रवर्तन में आपने नई शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया।
मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर टी एन सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि शिक्षा का एक उद्देश्य मात्र रोजगार देना ही नहीं होना चाहिए अपितु यह व्यक्ति का सर्वांगीण विकास और मनुष्यता का निर्माण करने वाली होनी चाहिए। नई शिक्षा नीति 2020 में शिक्षा, जवाबदेही युक्त, सभी तक पहुंचवाली, गुणवत्ता युक्त, नवाचार युक्त और भारत केंद्रित चिंतन युक्त है। छात्रों को क्या पढ़ना है इसे जानने से ज्यादा उन्हें क्यों पढ़ना है यह भी जानना आवश्यक है। अपने वक्तव्य में उन्होंने यह भी कहा कि पूरी शिक्षा नीति को क्रियान्वित करने में अध्यापकों की भूमिका अति महत्वपूर्ण होगी।
उद्घाटन सत्र के अंत में डॉ राजीव प्रकाश सिंह जी ने वेबिनार से जुड़े अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों को धन्यवाद ज्ञापित किया। उद्घाटन सत्र का संचालन आयोजन सचिव डॉ राजेंद्र प्रसाद गुप्ता द्वारा किया गया। अंग्रेजी विभाग के कुँवर शेखर गुप्ता तथा चंद्रप्रकाश गिरी ने पूरे ऑनलाइन सेमिनार को तकनीकी रूप प्रदान किया।
नई शिक्षा नीति पर आयोजित वेबिनार का द्वितीय सत्र लगभग 12:00 बजे प्रारंभ हुआ। इस तकनीकी सत्र के कोऑर्डिनेटर डॉ समर बहादुर सिंह जी द्वारा विषय विशेषज्ञों प्रोफेसर हरिकेश सिंह जी एवं डॉ राज शरण शाही जी का परिचय और स्वागत किया गया।
तत्पश्चात डॉ सिंह ने नई शिक्षा नीति और उसके क्रियान्वयन से संबंधित अपने ज्ञान, विचार और अनुभव को प्रतिभागियों से साझा किया। उन्होंने नई शिक्षा नीति का समीक्षात्मक विवरण प्रस्तुत किया। आपने अपने उद्बोधन में इस नई शिक्षा नीति के कई दोषों को भी उजागर किया। आपने 5+3+3+4 स्ट्रक्चर में पहले 5 वर्षीय शिक्षा का विरोध करते हुए कहा कि यह बच्चों के नैसर्गिक विकास को रोकने वाली है।
बच्चे का नैसर्गिक विकास उसके घर में उसके मां के पास ही होता है। 6 वर्ष तक घर में बच्चे को पिता, दादा, दादी और आस पड़ोस के बच्चों, भाई -बहन के साथ खेलने दिया जाना चाहिए और उसके पश्चात ही स्कूली शिक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए। नई शिक्षा नीति में 12 वर्ष के अध्ययन के उपरांत राष्ट्रीय परीक्षा आयोजित की जाएगी जिसके आधार पर छात्रों के अध्ययन क्षेत्र का निर्धारण होगा इस संस्तुति की उन्होंने भूरी भूरी प्रशंसा की। उनका एक विचार यह भी था कि नीति बनाने से पहले पूर्ववर्ती नीतियों की क्या कमियां रही हैं और उन में कैसे सुधार किया जाए इस पर भी विचार किया जाना चाहिए था। राष्ट्रीय शोध संस्थान की स्थापना के प्रस्ताव की सराहना की।
सत्र के द्वितीय वक्ता डॉ राज शरण शाही ने नई शिक्षा नीति के विचारों को मूर्त रूप में कैसे परिवर्तित किया जाए पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। एजुकेशन पालिसी के कामन एजुकेशन सिस्टम को उन्होंने बहुत सराहा। उनके अनुसार शिक्षा, सरकार के साथ ही साथ समाज द्वारा भी पोषित होनी चाहिए। समाज पोषित शिक्षा में अनुदान के लिए उन्होंने कम्युनिटी, कारपोरेट और अलुमिनायी फंडिंग की संस्तुति की। शिक्षा ऐसी हो जो जीवन से जुड़ने वाली हो।
विषय विशेषज्ञों के उद्बोधन के पश्चात डॉ सुधांशु सिन्हा द्वारा वेबीनार की आख्या प्रस्तुत की गई। तत्पश्चात वेबीनार के कोऑर्डिनेटर डॉ अरुण कुमार सिंह द्वारा सभी अतिथियों, मुख्य वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
मीडिया प्रभारी
कुँवर शेखर गुप्ता
तिलकधारी महाविद्यालय, जौनपुर
मो 8303780008












