डॉक्टर ने नाबालिक लड़की से किया था दुष्कर्म
जौनपुर। मीरगंज थाना क्षेत्र में 4 वर्ष पूर्व नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने एवं उसे जान से मारने की धमकी देकर बलात्कार करने के आरोपी डॉक्टर को अपर सत्र न्यायाधीश (पाक्सो ऐक्ट) रवि यादव की अदालत ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 55 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन कथानक के अनुसार मीरगंज थाना क्षेत्र निवासी वादी मुकदमा ने 29- 10 -2016 को मुकदमा पंजीकृत करवाया कि उसकी 15 वर्षीय कक्षा आठ में पढ़ने वाली नाबालिग पुत्री उसके घर से 200 मीटर की दूरी पर स्थित डॉ मनोज पुत्र काशीनाथ निवासी ग्राम चौकी खुर्द थाना मीरगंज के दवाखाने पर बीमार होने पर दवा लेने के लिए आती जाती थी। दिनांक 23 -10 -2016 को शाम लगभग 6:00 बजे वह दवा लेने के लिए गई थी जहां डॉक्टर मनोज ने उसे बहला-फुसलाकर कहीं गायब कर दिया।
पुलिस ने विवेचना के दौरान पाया कि आरोपी डॉ मनोज उक्त नाबालिक को बहला-फुसलाकर झाँसी भगा ले गया था और कमरे में बंद करके जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ निरंतर दुष्कर्म करता रहा। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र मौर्य व राम प्रकाश सिंह के द्वारा कुल 8 गवाह परीक्षित करवाए गए गवाहों के बयान एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात अदालत ने आरोपी डॉक्टर मनोज को भा द वि की धारा 363 के अंतर्गत 7 वर्ष के कारावास व ₹25000 अर्थदंड, धारा 376 के अंतर्गत 10 वर्ष की कैद व 25000 अर्थदंड तथा धारा 506 के अंतर्गत 2 वर्ष की कैद तथा ₹5000 जुर्माने से दंडित किया। जुर्माने की धन राशि में से ₹27500 पीड़िता को देने का भी अदालत ने आदेश दिया।












